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केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जनसेवा पुरस्कार
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को प्राइम पॉइंट फाउंडेशन एवं संसद रत्न अवार्ड्स कमेटी द्वारा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जनसेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसमें केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री, पूर्व मुख्य न्यायाधीश और शिक्षा मंत्री उपस्थित थे।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री बी. आर. गवई तथा केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जनसेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्राइम पॉइंट फाउंडेशन एवं संसद रत्न अवार्ड्स कमेटी ने आयोग की समर्पित सेवाओं को देखते हुए इस पुरस्कार के लिये चयन किया। आयोग को संसद रत्न पुरस्कार‑2026 से भी सम्मानित किया गया, जो आयोग के अध्यक्ष के लिये अत्यंत हर्ष का विषय है।
पुरस्कार प्राप्तकर्ता ने इसे पूरी आयोग टीम को समर्पित किया, कहा कि यह व्यक्तिगत नहीं बल्कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य का प्रमाण है। आयोग ने अनुसूचित जाति समुदाय को न्याय, अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय दिलाने में सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाई है।
संसद रत्न अवार्ड्स कमेटी की जूरी ने राष्ट्रीय और सामाजिक न्याय के प्रति आयोग के समर्पण को मान्यता दी। यह पुरस्कार, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के दृष्टिकोण से प्रेरित, नागरिक समाज के दृष्टिकोण से जन‑प्रतिनिधियों एवं संस्थाओं के कार्यों का मूल्यांकन करता है।
प्राइम पॉइंट फाउंडेशन एवं संसद रत्न अवार्ड्स कमेटी ने आयोग की समर्पित सेवाओं को देखते हुए इस पुरस्कार के लिये चयन किया। आयोग को संसद रत्न पुरस्कार‑2026 से भी सम्मानित किया गया, जो आयोग के अध्यक्ष के लिये अत्यंत हर्ष का विषय है।
पुरस्कार प्राप्तकर्ता ने इसे पूरी आयोग टीम को समर्पित किया, कहा कि यह व्यक्तिगत नहीं बल्कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य का प्रमाण है। आयोग ने अनुसूचित जाति समुदाय को न्याय, अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय दिलाने में सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाई है।
संसद रत्न अवार्ड्स कमेटी की जूरी ने राष्ट्रीय और सामाजिक न्याय के प्रति आयोग के समर्पण को मान्यता दी। यह पुरस्कार, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के दृष्टिकोण से प्रेरित, नागरिक समाज के दृष्टिकोण से जन‑प्रतिनिधियों एवं संस्थाओं के कार्यों का मूल्यांकन करता है।