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कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा तनवी तिवारी बनीं एक दिन की जिलाधिकारी, मिशन शक्ति अभियान में नेतृत्व कौशल का प्रदर्शन
मिशन शक्ति अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी विद्यालय की कक्षा नौ की छात्रा तनवी तिवारी को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे उन्हें प्रशासनिक कार्यों का अनुभव मिला।
मिशन शक्ति अभियान फेज‑06 के तहत कस्तूरबा गांधी विद्यालय की कक्षा नौ की छात्रा तनवी तिवारी को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह पहल जिलाधिकारी घनश्याम मीणा की पहल पर की गई थी, जिसका उद्देश्य छात्रों को प्रशासनिक कार्यों का अनुभव कराना और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।
एक दिन की जिलाधिकारी बनीं तनवी तिवारी ने डीएम की कुर्सी पर बैठकर जनता दरबार में फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना और नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियां भी हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।
एक दिन की डीएम बनकर तनवी तिवारी ने महिला सशक्तीकरण और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया, जिससे स्थानीय समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर जागरूकता बढ़ी।
एक दिन की जिलाधिकारी बनीं तनवी तिवारी ने डीएम की कुर्सी पर बैठकर जनता दरबार में फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना और नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियां भी हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।
एक दिन की डीएम बनकर तनवी तिवारी ने महिला सशक्तीकरण और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया, जिससे स्थानीय समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर जागरूकता बढ़ी।