धर्म
केसरियाजी तीर्थ में युवा महाकुंभ: आध्यात्मिक विरासत और नई ऊर्जा का संगम
अखिल भारतीय श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक युवक महासंघ द्वारा आयोजित युवा महाकुंभ का शुभारंभ केसरियाजी तीर्थ में हुआ, जहाँ भगवान आदिनाथ दादा का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
केसरियाजी तीर्थ में आज अखिल भारतीय श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक युवक महासंघ द्वारा आयोजित युवा महाकुंभ का शुभारंभ हुआ, जिसमें सम्माननीय गणमान्यजनों की उपस्थिति में भगवान आदिनाथ दादा का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
इस महाकुंभ का मूल उद्देश्य युवाओं में धर्म, संस्कार, सेवा और सामाजिक दायित्व की भावना को सुदृढ़ करना है, जिससे नई पीढ़ी में ऊर्जा, प्रतिभा और परिवर्तन की शक्ति का संचार हो सके।
कथा के अनुसार, मूलचंद महाराज (भोजक) ने जब वडनगर लौटने में संकोच किया, तब भगवान आदिनाथ दादा ने उन्हें अपने चरण का अंग प्रदान किया, जिसे वह वडनगर ले जाकर देहरासर में प्रतिष्ठित किया। यह कथा आज भी श्रद्धा और अटूट विश्वास की प्रेरणा है।
युवा महाकुंभ में ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का आरम्भ हुआ, जिससे उपस्थित युवा और समाज के सदस्य आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम से संस्कृति और संस्कारों को नई दिशा मिलती है।
आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि केसरियाजी की पावन धरा से निकली यह आस्था युवाओं के जीवन में नई चेतना, ऊर्जा और संकल्प का संचार करेगी, जिससे राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सशक्त होगा।
इस महाकुंभ का मूल उद्देश्य युवाओं में धर्म, संस्कार, सेवा और सामाजिक दायित्व की भावना को सुदृढ़ करना है, जिससे नई पीढ़ी में ऊर्जा, प्रतिभा और परिवर्तन की शक्ति का संचार हो सके।
कथा के अनुसार, मूलचंद महाराज (भोजक) ने जब वडनगर लौटने में संकोच किया, तब भगवान आदिनाथ दादा ने उन्हें अपने चरण का अंग प्रदान किया, जिसे वह वडनगर ले जाकर देहरासर में प्रतिष्ठित किया। यह कथा आज भी श्रद्धा और अटूट विश्वास की प्रेरणा है।
युवा महाकुंभ में ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का आरम्भ हुआ, जिससे उपस्थित युवा और समाज के सदस्य आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम से संस्कृति और संस्कारों को नई दिशा मिलती है।
आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि केसरियाजी की पावन धरा से निकली यह आस्था युवाओं के जीवन में नई चेतना, ऊर्जा और संकल्प का संचार करेगी, जिससे राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सशक्त होगा।