📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
टेक्नोलॉजी
कर्नाटक योजना से युवा संस्थापकों को मिल सकता है डीपटेक व अल्पसंख्यक स्टार्टअप्स के लिए 1 करोड़ तक का फंड
✍️ EdexLive
🗓 13 अक्टू. 2026, 04:32 AM
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कर्नाटक सरकार ने नई डीपटेक और अल्पसंख्यक स्टार्टअप योजना लॉन्च की, जिससे पात्र युवा उद्यमियों को 1 करोड़ रुपये तक का वित्तीय समर्थन मिलेगा।
बेंगलुरु, कर्नाटक – राज्य सरकार ने डीप‑टेक व अल्पसंख्यक समुदाय के उद्यमियों के लिए विशेष वित्तीय योजना का अनावरण किया। इस योजना के तहत पात्र संस्थापकों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक के अनुदान या सॉफ्ट लोन मिलेंगे, जो निर्धारित माइलस्टोन के आधार पर जारी किए जाएंगे।
यह पहल कर्नाटक को उच्च‑प्रभावी नवाचार केंद्र बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। आवेदन करने वाले 35 वर्ष से कम आयु के होने चाहिए, उनके पास प्रोटोटाइप या प्रूफ‑ऑफ़‑कॉन्सेप्ट होना चाहिए और बाजार संभावनाओं का स्पष्ट प्रमाण देना होगा। एआई, रोबोटिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत सामग्री जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
वित्त पोषण राज्य के ‘स्टार्टअप कर्नाटक’ पोर्टल के माध्यम से दिया जाएगा, और नियमित समीक्षा के बाद फंड जारी किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना कर रियायतों और इन्क्यूबेशन समर्थन जैसी मौजूदा सुविधाओं को पूरक करती है, जिससे उद्यमियों के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना तकनीकी‑सक्षम युवा प्रतिभा, विशेषकर अल्पसंख्यक वर्ग से, को आकर्षित करेगी और भारत के डीप‑टेक क्षेत्र में कर्नाटक के योगदान को बढ़ाएगी।
यह पहल कर्नाटक को उच्च‑प्रभावी नवाचार केंद्र बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। आवेदन करने वाले 35 वर्ष से कम आयु के होने चाहिए, उनके पास प्रोटोटाइप या प्रूफ‑ऑफ़‑कॉन्सेप्ट होना चाहिए और बाजार संभावनाओं का स्पष्ट प्रमाण देना होगा। एआई, रोबोटिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत सामग्री जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
वित्त पोषण राज्य के ‘स्टार्टअप कर्नाटक’ पोर्टल के माध्यम से दिया जाएगा, और नियमित समीक्षा के बाद फंड जारी किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना कर रियायतों और इन्क्यूबेशन समर्थन जैसी मौजूदा सुविधाओं को पूरक करती है, जिससे उद्यमियों के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना तकनीकी‑सक्षम युवा प्रतिभा, विशेषकर अल्पसंख्यक वर्ग से, को आकर्षित करेगी और भारत के डीप‑टेक क्षेत्र में कर्नाटक के योगदान को बढ़ाएगी।