📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Slyronit
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने सीसीडी सीईओ मालविका हेगड़े के खिलाफ FEMA केस में 12 साल की देरी पर पूछताछ की
✍️ The Economic Times
🗓 07 अक्टू. 2026, 03:37 AM
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा मालविका हेगड़े के खिलाफ FEMA जांच में 12 साल की देरी को चुनौती दी है।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने आज एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा कैफ़े कॉफ़ी डे की सीईओ मालविका हेगड़े के खिलाफ FEMA मामले में बारह साल की देरी को लेकर चिंता जताई। कोर्ट ने बताया कि 2010 में विदेशी मुद्रा उल्लंघन के आरोपों के बाद दर्ज किया गया यह केस अब तक पर्याप्त प्रगति नहीं दिखा पाया है, जिससे न्यायालय ने एजेंसी से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा।
कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, मामले की शुरुआत के बाद कई बार समय सीमा बढ़ाई गई और समीक्षा की गई, परंतु एडी ने अभी तक अंतिम रिपोर्ट नहीं दी है। इस कारण जजों ने बारह साल की देरी के कारणों पर सवाल उठाए।
बेंच ने एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट को एक निर्धारित समयावधि के भीतर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिससे FEMA प्रावधानों के समय पर प्रवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया गया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उन आर्थिक अपराधों के प्रबंधन में न्यायिक निगरानी को बढ़ावा देगा जो लंबे समय से ठहराव में हैं।
हाई कोर्ट की इस हस्तक्षेप का परिणाम नियामक एजेंसियों द्वारा प्रमुख कॉर्पोरेट व्यक्तियों के खिलाफ चलाए जाने वाले मामलों में भविष्य में दिशा-निर्देश स्थापित कर सकता है।
कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, मामले की शुरुआत के बाद कई बार समय सीमा बढ़ाई गई और समीक्षा की गई, परंतु एडी ने अभी तक अंतिम रिपोर्ट नहीं दी है। इस कारण जजों ने बारह साल की देरी के कारणों पर सवाल उठाए।
बेंच ने एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट को एक निर्धारित समयावधि के भीतर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिससे FEMA प्रावधानों के समय पर प्रवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया गया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उन आर्थिक अपराधों के प्रबंधन में न्यायिक निगरानी को बढ़ावा देगा जो लंबे समय से ठहराव में हैं।
हाई कोर्ट की इस हस्तक्षेप का परिणाम नियामक एजेंसियों द्वारा प्रमुख कॉर्पोरेट व्यक्तियों के खिलाफ चलाए जाने वाले मामलों में भविष्य में दिशा-निर्देश स्थापित कर सकता है।