📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
अपराध
कर्नाटक हाई कोर्ट ने मैकेनिकल अरेस्ट पर रोक, सोशल मीडिया FIR के लिए पुलिस दिशानिर्देश जारी
✍️ LawChakra
🗓 23 अक्टू. 2026, 08:32 PM
👁 14
कर्नाटक हाई कोर्ट ने मैकेनिकल अरेस्ट पर रोक लगाते हुए सोशल मीडिया पोस्ट से FIR दर्ज करने में पुलिस के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने "मैकेनिकल अरेस्ट" पर रोक लगाते हुए सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने के लिए नई प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि ऑनलाइन सामग्री के आधार पर FIR दर्ज करने से पहले पूरी जाँच‑पड़ताल हो।
इन दिशानिर्देशों के तहत पुलिस को आरोप की सत्यता, स्रोत की विश्वसनीयता और शिकायतकर्ता की पहचान की पुष्टि करनी होगी, तथा बिना ठोस सबूत के कोई अरेस्ट नहीं किया जा सकेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर झूठी या बदनामीपूर्ण शिकायतों को रोकने और नागरिकों को मनमाने हिरासत से बचाने के लिये है। हाई कोर्ट ने कर्नाटक के सभी निचले न्यायालयों और पुलिस विभागों से यह निर्देश तुरंत लागू करने को कहा है।
यह निर्णय तब आया है जब देश भर में सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर FIR दर्ज करने की संख्या में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे अक्सर अनावश्यक अरेस्ट और न्यायिक प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है।
इन दिशानिर्देशों के तहत पुलिस को आरोप की सत्यता, स्रोत की विश्वसनीयता और शिकायतकर्ता की पहचान की पुष्टि करनी होगी, तथा बिना ठोस सबूत के कोई अरेस्ट नहीं किया जा सकेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर झूठी या बदनामीपूर्ण शिकायतों को रोकने और नागरिकों को मनमाने हिरासत से बचाने के लिये है। हाई कोर्ट ने कर्नाटक के सभी निचले न्यायालयों और पुलिस विभागों से यह निर्देश तुरंत लागू करने को कहा है।
यह निर्णय तब आया है जब देश भर में सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर FIR दर्ज करने की संख्या में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे अक्सर अनावश्यक अरेस्ट और न्यायिक प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है।