📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
राजनीति
कर्नाटक में ईथनॉल ब्लेंड नीति पर विवाद
✍️ India Today
🗓 06 नव. 2026, 03:17 PM
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कर्नाटक सरकार की पेट्रोल में ईथनॉल की मात्रा बढ़ाने की योजना को लेकर नीति निर्माताओं, उद्योग समूहों और किसानों में विवाद उत्पन्न हुआ है।
बेंगलुरु, कर्नाटक – राज्य सरकार द्वारा मोटर ईंधन में ईथनॉल का प्रतिशत बढ़ाने के प्रस्ताव पर तीव्र बहस छिड़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और राज्य के गन्ना किसानों को समर्थन देने के उद्देश्य से है, जबकि आलोचक ईंधन की गुणवत्ता और वाहन प्रदर्शन पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाते हैं।
तेल कंपनियों, किसान संगठनों और उपभोक्ता समूहों ने अलग‑अलग राय व्यक्त की है। तेल कंपनियां चेतावनी देती हैं कि उच्च ईथनॉल मिश्रण मौजूदा बुनियादी ढांचे पर दबाव डाल सकता है, जबकि किसान समूह दावा करते हैं कि बड़ा मिश्रण गन्ने के मोलासिस के लिए स्थिर बाजार प्रदान करेगा।
सरकार ने कहा है कि तकनीकी अध्ययनों की समीक्षा और सभी पक्षों की चिंताओं को सुलझाने के लिए एक बहु‑पक्षीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसके बाद ही मिश्रण नियम में कोई बदलाव किया जाएगा।
तेल कंपनियों, किसान संगठनों और उपभोक्ता समूहों ने अलग‑अलग राय व्यक्त की है। तेल कंपनियां चेतावनी देती हैं कि उच्च ईथनॉल मिश्रण मौजूदा बुनियादी ढांचे पर दबाव डाल सकता है, जबकि किसान समूह दावा करते हैं कि बड़ा मिश्रण गन्ने के मोलासिस के लिए स्थिर बाजार प्रदान करेगा।
सरकार ने कहा है कि तकनीकी अध्ययनों की समीक्षा और सभी पक्षों की चिंताओं को सुलझाने के लिए एक बहु‑पक्षीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसके बाद ही मिश्रण नियम में कोई बदलाव किया जाएगा।