📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
बिज़नेस
कर्नाटक के वित्त मंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य की विकास और निवेश योजना की रूपरेखा पेश की
✍️ Business Today
🗓 28 अग. 2026, 08:37 AM
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बिजनेस टुडे के साथ साक्षात्कार में कर्नाटक के वित्त मंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य की आर्थिक प्रगति, निवेश पहल और भविष्य की दृष्टि को बताया।
कर्नाटक के वित्त मंत्री डी.के. शिवकुमार ने बिजनेस टुडे को बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और सेवाओं के मजबूत प्रदर्शन के कारण स्थिर आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने लगभग 8% की वार्षिक वृद्धि दर का उल्लेख किया और कहा कि हालिया विदेशी प्रत्यक्ष निवेश $10 बिलियन से अधिक हो गया है, जो निवेशकों के लिए राज्य की आकर्षकता को दर्शाता है।
शिवकुमार ने कहा कि सरकार जमीन अधिग्रहण को सरल बनाने, वित्तीय प्रोत्साहन देने और औद्योगिक गलियारों का विस्तार करने जैसी पहलों के माध्यम से निवेश को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने एयरोस्पेस, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स में नए प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया, जो हजारों नौकरियों का सृजन करेंगे और राज्य के निर्यात आधार को मजबूत करेंगे।
भविष्य की दृष्टि में उन्होंने विश्व‑स्तरीय बुनियादी ढांचा, कौशल विकास कार्यक्रम और डिजिटल‑पहला प्रशासन को प्रमुख बताया। उन्होंने घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों से कर्नाटक के पारिस्थितिकी तंत्र के साथ साझेदारी करने का आग्रह किया, नीति स्थिरता और सतत विकास पर ध्यान देने का वादा किया।
इन बयानों के साथ कर्नाटक अपनी अगली पाँच‑साल की योजना तैयार कर रहा है, जिसका लक्ष्य राज्य को नवाचार और उच्च‑मूल्य विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है।
शिवकुमार ने कहा कि सरकार जमीन अधिग्रहण को सरल बनाने, वित्तीय प्रोत्साहन देने और औद्योगिक गलियारों का विस्तार करने जैसी पहलों के माध्यम से निवेश को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने एयरोस्पेस, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स में नए प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया, जो हजारों नौकरियों का सृजन करेंगे और राज्य के निर्यात आधार को मजबूत करेंगे।
भविष्य की दृष्टि में उन्होंने विश्व‑स्तरीय बुनियादी ढांचा, कौशल विकास कार्यक्रम और डिजिटल‑पहला प्रशासन को प्रमुख बताया। उन्होंने घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों से कर्नाटक के पारिस्थितिकी तंत्र के साथ साझेदारी करने का आग्रह किया, नीति स्थिरता और सतत विकास पर ध्यान देने का वादा किया।
इन बयानों के साथ कर्नाटक अपनी अगली पाँच‑साल की योजना तैयार कर रहा है, जिसका लक्ष्य राज्य को नवाचार और उच्च‑मूल्य विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है।