📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Election commission of India
राजनीति
कर्नाटक काउंसिल चुनावों से बीजेपी‑जेडी(एस) गठबंधन और कांग्रेस की एकता पर होगी कसौटी
✍️ The Hindu
🗓 23 अक्टू. 2026, 02:47 PM
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आगामी कर्नाटक विधान परिषद चुनावों को बीजेपी‑जेडी(एस) गठबंधन की कसौटी और कांग्रेस की आंतरिक टकराव के बीच उसकी ताकत का आकलन माना जा रहा है, दि हिंदू ने बताया।
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव, जो इस वर्ष के बाद में आयोजित होने वाले हैं, राज्य के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी‑जेडी(एस) गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा बन चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव का परिणाम गठबंधन की संयुक्त वोट बैंक को जुटाने की क्षमता को उजागर करेगा, क्योंकि कर्नाटक में क्षेत्रीय राजनीति अक्सर बदलती रहती है।
इसी दौरान कांग्रेस पार्टी आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है, जो उसकी चुनावी ताकत को कम कर सकते हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि विभिन्न समूहों के बीच टकराव उभर रहे हैं, जिससे गठबंधन के सामने एकजुट मोर्चा पेश करना कठिन हो सकता है।
दि हिंदू ने बताया कि गठबंधन और कांग्रेस दोनों ही काउंसिल चुनाव को मतदाता की भावना का प्रारम्भिक संकेतक मान रहे हैं। इस चुनाव के परिणाम से कर्नाटक में सभी प्रमुख पार्टियों की अभियान रणनीति पर असर पड़ेगा।
इसी दौरान कांग्रेस पार्टी आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है, जो उसकी चुनावी ताकत को कम कर सकते हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि विभिन्न समूहों के बीच टकराव उभर रहे हैं, जिससे गठबंधन के सामने एकजुट मोर्चा पेश करना कठिन हो सकता है।
दि हिंदू ने बताया कि गठबंधन और कांग्रेस दोनों ही काउंसिल चुनाव को मतदाता की भावना का प्रारम्भिक संकेतक मान रहे हैं। इस चुनाव के परिणाम से कर्नाटक में सभी प्रमुख पार्टियों की अभियान रणनीति पर असर पड़ेगा।