📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim
राजनीति
कर्नाटक के सीएम शिवकुमार ने म्यूरू महल दशहरा पूजा में दलित मंत्रियों को रोकने पर जांच का आदेश दिया
✍️ Hindustan Times
🗓 23 अक्टू. 2026, 07:02 AM
👁 16
मुख्यमंत्री बासवराज शिवन्ना शिवकुमार ने म्यूरू महल के दशहरा पूजा में तीन दलित मंत्रियों को रोकने के बाद जांच का आदेश दिया।
पुलिस ने म्यूरू महल में दशहरा पूजा के उद्घाटन समारोह के दौरान तीन दलित मंत्रियों को प्रवेश से रोक दिया, जिससे तुरंत विवाद उत्पन्न हुआ। ये मंत्री राज्य के प्रमुख दशहरा उत्सव में भाग लेने के लिए महल की ओर जा रहे थे।
इस घटना पर प्रतिक्रिया स्वरूप कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज शिवन्ना शिवकुमार ने एक औपचारिक जांच का आदेश दिया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मंत्रियों को रोकने का कारण क्या था और क्या कोई प्रक्रिया या जातीय भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी ऐसे कार्य को बर्दाश्त नहीं करेगी जो निर्वाचित प्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुँचाए।
दशहरा उत्सव कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख हिस्सा है और हर साल राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करता है। इस घटना ने सरकारी मंडलों में जाति-संवेदनशीलता पर चर्चा को भड़का दिया है, जबकि विपक्षी दल और नागरिक समाज ने त्वरित जवाबदेही की मांग की है।
राज्य ने बताया कि जांच एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा संचालित होगी और परिणाम मुख्यमंत्री के कार्यालय को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत किए जाएंगे। पुलिस के निर्णय के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया स्वरूप कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज शिवन्ना शिवकुमार ने एक औपचारिक जांच का आदेश दिया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मंत्रियों को रोकने का कारण क्या था और क्या कोई प्रक्रिया या जातीय भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी ऐसे कार्य को बर्दाश्त नहीं करेगी जो निर्वाचित प्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुँचाए।
दशहरा उत्सव कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख हिस्सा है और हर साल राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करता है। इस घटना ने सरकारी मंडलों में जाति-संवेदनशीलता पर चर्चा को भड़का दिया है, जबकि विपक्षी दल और नागरिक समाज ने त्वरित जवाबदेही की मांग की है।
राज्य ने बताया कि जांच एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा संचालित होगी और परिणाम मुख्यमंत्री के कार्यालय को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत किए जाएंगे। पुलिस के निर्णय के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।