कोर्ट के बाहर पार्किंग के भुगतान वसूली पर विवाद कर्मचारी ने अभद्रता की
सिंगरौली जिला मुख्यालय बैढ़न में जिला कोर्ट के बाहर पार्किंग शुल्क मांगने को लेकर शुक्रवार सुबह विवाद हो गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक और पार्किंग कर्मचारी के बीच कहासुनी होती दिखाई दे रही है। बहस के बाद युवक द्वारा कर्मचारी को थप्पड़ मारने की जानकारी भी सामने आई है।
स्थानीय निवासी योगेश प्रभाकर ने पार्किंग कर्मचारी पर अभद्रता करने और जबरन शुल्क मांगने का आरोप लगाया है
योगेश प्रभाकर ने बताया कि उन्होंने अपनी कार निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़ी नहीं की थी, बल्कि सड़क पर खड़ी की थी। उन्हें कुछ देर के लिए काम से जाना था। इसी दौरान पार्किंग का एक कर्मचारी वहां पहुंचा और शुल्क मांगने लगा।
योगेश के मुताबिक, कर्मचारी ने उन्हें जबड़ा तोड़ने की धमकी दी और विरोध करने पर गाली-गलौज की। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने वीडियो बनाया। उनका आरोप है कि पार्किंग कर्मचारियों का ऐसा व्यवहार पहले भी देखने को मिला है।
नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर आरपी वैश्य ने बताया कि सामुदायिक भवन के बगल में खाली स्थान को वाहन पार्किंग के लिए निर्धारित किया गया है। इसका ठेका राजू सिंह को दिया गया है।
वैश्य के अनुसार, जिला न्यायाधीश ने पार्किंग व्यवस्था बेहतर करने के लिए मौखिक रूप से नगर निगम से कहा था। इसके बाद ठेकेदार को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।
डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि ठेकेदार को जिला कोर्ट के बाहर वाहन पार्किंग शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं दिया गया है। अगर वहां शुल्क वसूले जाने की पुष्टि होती है, तो ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा।
घटना के बाद जिला कोर्ट के बाहर पार्किंग व्यवस्था और शुल्क वसूली को लेकर सवाल उठे हैं।
नीड 24 वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता
स्थानीय निवासी योगेश प्रभाकर ने पार्किंग कर्मचारी पर अभद्रता करने और जबरन शुल्क मांगने का आरोप लगाया है
योगेश प्रभाकर ने बताया कि उन्होंने अपनी कार निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़ी नहीं की थी, बल्कि सड़क पर खड़ी की थी। उन्हें कुछ देर के लिए काम से जाना था। इसी दौरान पार्किंग का एक कर्मचारी वहां पहुंचा और शुल्क मांगने लगा।
योगेश के मुताबिक, कर्मचारी ने उन्हें जबड़ा तोड़ने की धमकी दी और विरोध करने पर गाली-गलौज की। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने वीडियो बनाया। उनका आरोप है कि पार्किंग कर्मचारियों का ऐसा व्यवहार पहले भी देखने को मिला है।
नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर आरपी वैश्य ने बताया कि सामुदायिक भवन के बगल में खाली स्थान को वाहन पार्किंग के लिए निर्धारित किया गया है। इसका ठेका राजू सिंह को दिया गया है।
वैश्य के अनुसार, जिला न्यायाधीश ने पार्किंग व्यवस्था बेहतर करने के लिए मौखिक रूप से नगर निगम से कहा था। इसके बाद ठेकेदार को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।
डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि ठेकेदार को जिला कोर्ट के बाहर वाहन पार्किंग शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं दिया गया है। अगर वहां शुल्क वसूले जाने की पुष्टि होती है, तो ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा।
घटना के बाद जिला कोर्ट के बाहर पार्किंग व्यवस्था और शुल्क वसूली को लेकर सवाल उठे हैं।
नीड 24 वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता