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करौली: अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मासलपुर में बाल विवाह रोकथाम एवं शिक्षा हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर करौली के मासलपुर में जिला प्रशासन और एक्शनएड एसोसिएशन द्वारा बाल विवाह रोकथाम और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं को उनके अधिकारों और शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
मासलपुर/करौली। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन एवं एक्शनएड एसोसिएशन – डीएमजी इवेंट्स करौली द्वारा बाल विवाह रोकथाम एवं उन्मूलन परियोजना के तहत मासलपुर में बालिकाओं एवं किशोरियों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समुदाय को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
एक्शनएड – डीएमजी इवेंट्स करौली के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं की शिक्षा, समानता, सुरक्षा, स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरूक करने का एक अहम अवसर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक बालिका को बिना किसी भेदभाव और भय के शिक्षा प्राप्त करने, अपने सपनों को पूरा करने और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है। इसी भावना के साथ मासलपुर में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एक्शनएड एसोसिएशन के टीम लीडर विजेंद्र बैरवा और सामुदायिक प्रशिक्षक जगदीश जाट ने बालिकाओं और किशोरियों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिका शिक्षा के महत्व, बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों, बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित कानूनी प्रावधानों और बालिका सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह बालिकाओं के शैक्षिक अवसरों को सीमित करता है और उनके स्वास्थ्य, मानसिक विकास, आत्मनिर्भरता तथा भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
कार्यक्रम में बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, नियमित रूप से विद्यालय जाने, आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, बाल विवाह की आशंका या किसी बालिका के अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों और बाल संरक्षण तंत्र को समय पर सूचना देने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता बालिकाओं को पुरस्कृत भी किया गया।
एक्शनएड – डीएमजी इवेंट्स करौली के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं की शिक्षा, समानता, सुरक्षा, स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरूक करने का एक अहम अवसर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक बालिका को बिना किसी भेदभाव और भय के शिक्षा प्राप्त करने, अपने सपनों को पूरा करने और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है। इसी भावना के साथ मासलपुर में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एक्शनएड एसोसिएशन के टीम लीडर विजेंद्र बैरवा और सामुदायिक प्रशिक्षक जगदीश जाट ने बालिकाओं और किशोरियों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिका शिक्षा के महत्व, बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों, बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित कानूनी प्रावधानों और बालिका सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह बालिकाओं के शैक्षिक अवसरों को सीमित करता है और उनके स्वास्थ्य, मानसिक विकास, आत्मनिर्भरता तथा भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
कार्यक्रम में बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, नियमित रूप से विद्यालय जाने, आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, बाल विवाह की आशंका या किसी बालिका के अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों और बाल संरक्षण तंत्र को समय पर सूचना देने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता बालिकाओं को पुरस्कृत भी किया गया।