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केरेडारी: एनटीपीसी एमडीओ बीजी आर इंफ्रा लिमिटेड पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा सवाल पांडु माइंस में बिना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा सवाल
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केरेडारी: एनटीपीसी एमडीओ बीजी आर इंफ्रा लिमिटेड पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा सवाल पांडु माइंस में बिना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा सवाल
केरेडारी: एनटीपीसी एमडीओ बीजी आर इंफ्रा लिमिटेड पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा सवाल पांडु माइंस में बिना बैरिकेडिंग जारी खनन; ग्रामीणों का सवाल— क्या एनटीपीसी बीजी आर किसी हादसे का इंतजार कर रही है?*
केरेडारी:
केरेडारी प्रखंड अंतर्गत पांडु गांव में एनटीपीसी (NTPC) की एमडीओ कंपनी बीजीआर (BGR) द्वारा कोयला खनन का कार्य संचालित किया जा रहा है।
पांडु गांव से होकर हजारीबाग जिला मुख्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग पर यह खदान स्थित है,
जहाँ सुरक्षा मानकों के पालन में कमी देखी जा रही है।
खदान और मुख्य सड़क के बीच की दूरी मात्र 50 मीटर है,
लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस पूरे रास्ते पर अब तक कोई बैरिकेडिंग या फेंसिंग नहीं की गई है।
रास्ते में हमेशा बना रहता है अनहोनी का भय
इस मुख्य मार्ग से रोजाना आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण, किसान, स्कूली बच्चे और यात्री हजारीबाग की ओर आवाजाही करते हैं।
सड़क के इतने समीप बिना किसी सुरक्षा दीवार या बैरिकेडिंग के जारी खनन के कारण राहगीरों को हमेशा डर के साये में सफर करना पड़ता है।
रात के वक्त या ध्यान भटकने पर कोई भी वाहन या राहगीर दुर्घटना का शिकार हो सकता है।
सुरक्षा नियमों के तहत बैरिकेडिंग अनिवार्य
नियमानुसार आबादी वाले क्षेत्रों और सार्वजनिक सड़कों के पास संचालित खनन गतिविधियों में मजबूत सुरक्षा घेरा, फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती आवश्यक होती है।
बिना बैरिकेडिंग के खनन कार्य जारी रहने से राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने की सुरक्षा घेरा बनाने की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते एहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी है।
क्षेत्रवासियों ने एनटीपीसी और बीजीआर प्रबंधन से आग्रह कर रही कि हजारीबाग जाने वाले इस रास्ते पर तुरंत मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाए
और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध पूरे किए जाएं।
केरेडारी:
केरेडारी प्रखंड अंतर्गत पांडु गांव में एनटीपीसी (NTPC) की एमडीओ कंपनी बीजीआर (BGR) द्वारा कोयला खनन का कार्य संचालित किया जा रहा है।
पांडु गांव से होकर हजारीबाग जिला मुख्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग पर यह खदान स्थित है,
जहाँ सुरक्षा मानकों के पालन में कमी देखी जा रही है।
खदान और मुख्य सड़क के बीच की दूरी मात्र 50 मीटर है,
लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस पूरे रास्ते पर अब तक कोई बैरिकेडिंग या फेंसिंग नहीं की गई है।
रास्ते में हमेशा बना रहता है अनहोनी का भय
इस मुख्य मार्ग से रोजाना आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण, किसान, स्कूली बच्चे और यात्री हजारीबाग की ओर आवाजाही करते हैं।
सड़क के इतने समीप बिना किसी सुरक्षा दीवार या बैरिकेडिंग के जारी खनन के कारण राहगीरों को हमेशा डर के साये में सफर करना पड़ता है।
रात के वक्त या ध्यान भटकने पर कोई भी वाहन या राहगीर दुर्घटना का शिकार हो सकता है।
सुरक्षा नियमों के तहत बैरिकेडिंग अनिवार्य
नियमानुसार आबादी वाले क्षेत्रों और सार्वजनिक सड़कों के पास संचालित खनन गतिविधियों में मजबूत सुरक्षा घेरा, फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती आवश्यक होती है।
बिना बैरिकेडिंग के खनन कार्य जारी रहने से राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने की सुरक्षा घेरा बनाने की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते एहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी है।
क्षेत्रवासियों ने एनटीपीसी और बीजीआर प्रबंधन से आग्रह कर रही कि हजारीबाग जाने वाले इस रास्ते पर तुरंत मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाए
और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध पूरे किए जाएं।