कैनाल सड़क और कांची नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर एकजुट हुई जनता, 22 नवंबर को होगी आमसभा: ललित कुमार महतो
तमाड़ न्यूज़
कैनाल सड़क और कांची नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर एकजुट हुई जनता, 22 नवंबर को होगी आमसभा: ललित कुमार महतो
तमाड़। पांच परगना क्षेत्र में कैनाल सड़क और कांची नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। रविवार को तमाड़ प्रखंड के नावाडीह स्थित हाईस्कूल मैदान में पांच परगना फाइटर्स के केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्रामीणों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क एवं पुल निर्माण की मांग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई तथा आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार की गई।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में NH-33 (टाटा-रांची मुख्य मार्ग) से जुड़े तमाड़ प्रखंड के सलगाडीह से सोनाहातु प्रखंड के बारेंदा तक लगभग 30 किलोमीटर लंबी कैनाल सड़क तथा तमाड़ प्रखंड के दुलमी से जिलिंग सेरेंग होते हुए लोवाडीह तक लगभग 10 किलोमीटर लंबी कैनाल सड़क का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही कांची नदी पर स्थित बामलाडीह और हाराडीह पुल का निर्माण कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 22 नवंबर 2026 को एक विशाल आमसभा आयोजित कर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो बाध्य होकर NH-33 पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा।
इस अवसर पर ललित कुमार महतो ने कहा कि 22 नवंबर से पहले क्षेत्र के सभी गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा और सड़क एवं पुल निर्माण की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़क और बेहतर आवागमन की सुविधा जनता का अधिकार है। वर्षों से क्षेत्र के लोग सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब इस मांग को लेकर जनता चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने कहा, “अच्छी सड़क हमारा अधिकार है और इस अधिकार को हम हर हाल में लेकर रहेंगे। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे पांच परगना क्षेत्र की जनता के भविष्य की लड़ाई है। अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए जेल भी जाना पड़े, तो हम सभी ग्रामीण इसके लिए तैयार हैं।”
ललित कुमार महतो ने सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि क्षेत्र की जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कैनाल सड़कों एवं कांची नदी पर बामलाडीह और हाराडीह पुल के निर्माण की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानियों से मुक्ति मिल सके!
तमाड़। पांच परगना क्षेत्र में कैनाल सड़क और कांची नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। रविवार को तमाड़ प्रखंड के नावाडीह स्थित हाईस्कूल मैदान में पांच परगना फाइटर्स के केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्रामीणों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क एवं पुल निर्माण की मांग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई तथा आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार की गई।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में NH-33 (टाटा-रांची मुख्य मार्ग) से जुड़े तमाड़ प्रखंड के सलगाडीह से सोनाहातु प्रखंड के बारेंदा तक लगभग 30 किलोमीटर लंबी कैनाल सड़क तथा तमाड़ प्रखंड के दुलमी से जिलिंग सेरेंग होते हुए लोवाडीह तक लगभग 10 किलोमीटर लंबी कैनाल सड़क का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही कांची नदी पर स्थित बामलाडीह और हाराडीह पुल का निर्माण कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 22 नवंबर 2026 को एक विशाल आमसभा आयोजित कर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो बाध्य होकर NH-33 पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा।
इस अवसर पर ललित कुमार महतो ने कहा कि 22 नवंबर से पहले क्षेत्र के सभी गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा और सड़क एवं पुल निर्माण की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़क और बेहतर आवागमन की सुविधा जनता का अधिकार है। वर्षों से क्षेत्र के लोग सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब इस मांग को लेकर जनता चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने कहा, “अच्छी सड़क हमारा अधिकार है और इस अधिकार को हम हर हाल में लेकर रहेंगे। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे पांच परगना क्षेत्र की जनता के भविष्य की लड़ाई है। अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए जेल भी जाना पड़े, तो हम सभी ग्रामीण इसके लिए तैयार हैं।”
ललित कुमार महतो ने सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि क्षेत्र की जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कैनाल सड़कों एवं कांची नदी पर बामलाडीह और हाराडीह पुल के निर्माण की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानियों से मुक्ति मिल सके!