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27 अक्टू. 2026•
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कम्पाउंडर का काम कर रहा है ड्राइवर

✍️ रिपोर्टर: ashif 🗓 27 अक्टू. 2026, 03:30 AM 👁 25
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अमेठी जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली और अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में आ गया है। अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक डॉ. रुचिका सेठ पर मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करने और ओपीडी में निजी व्यक्तियों से सरकारी काम कराने के सनसनीखेज आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
गौरीपुर निवासी शिकायतकर्ता सर्वेश कुमार ने बताया कि 26 अक्टूबर को उनके भाई शुभम अपनी पत्नी प्रतिमा को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि महिला चिकित्सक डॉ. रुचिका सेठ ने समय का हवाला देते हुए इलाज करने से इनकार कर दिया और कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। मजबूरन परिजनों को मरीज को किसी अन्य चिकित्सक के पास ले जाना पड़ा।

निजी ड्राइवर के हाथ में सरकारी काम

मामले की कवरेज और जानकारी लेने जब एक स्थानीय पत्रकार अस्पताल पहुंचे, तो वहां तैनात एक निजी व्यक्ति ने कथित तौर पर उनके साथ भी बदसलूकी की। पूछताछ करने पर उसने खुद को डॉ. रुचिका सेठ का निजी ड्राइवर बताया और बेझिझक कहा कि वह मैडम के आदेश पर सरकारी पर्चा काट रहा है। इस घटना का वीडियो साक्ष्य भी सामने आया है, जो अस्पताल की व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह कोई इकलौता मामला नहीं है। संभावा निवासी विवेक तिवारी ने भी आरोप लगाया कि दुर्व्यवहार के कारण उन्हें अपनी पत्नी का इलाज एक महंगे प्राइवेट अस्पताल में कराना पड़ा। वहीं, एडवोकेट शशांक सिंह ने भी आरोप लगाया कि डॉ. रुचिका सेठ द्वारा उनकी पत्नी का इलाज करने से मना किए जाने पर उन्हें मजबूरन रायबरेली दौड़ना पड़ा। इसके अलावा, डॉक्टर के कक्ष में दो अज्ञात युवतियों की मौजूदगी और उनकी नियुक्ति की वैधता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।

तीन सूत्रीय जांच की मांग

पीड़ितों और स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) से हस्तक्षेप की मांग करते हुए तीन प्रमुख बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है:

डॉ. रुचिका सेठ के कथित अभद्र व्यवहार और कार्यशैली की उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की जाए।
अस्पताल परिसर में निजी व्यक्तियों और ड्राइवर द्वारा सरकारी कार्य (पर्चा बनाने) कराए जाने के खेल की जांच हो।
डॉक्टर के कक्ष में बैठी दो अज्ञात युवतियों की पहचान और उनकी नियुक्ति की वैधता स्पष्ट की जाए।
शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उच्च स्तर पर और भी बड़े स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा।✍🏻
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