स्थानीय
कम्पनी का मनमानी युवक बेरोजगार युवकों के साथ छल वादाखिलाफी से आहत युवक आत्महत्या की कोशिश में टावर पर चढ़ा, चंद्रगुप्त परियोजना में मचा हड़कंप मौके पर CO सर केरेडारी स्थल पर पहुंचे
कम्पनी का मनमानी युवक बेरोजगार युवकों के साथ छल वादाखिलाफी से आहत युवक आत्महत्या की कोशिश में टावर पर चढ़ा, चंद्रगुप्त परियोजना में मचा हड़कंप मौके पर CO सर केरेडारी स्थल पर पहुंचे
वादाखिलाफी से आहत युवक आत्महत्या की कोशिश में टावर पर चढ़ा, चंद्रगुप्त परियोजना में मचा हड़कंप मौके पर CO सर केरेडारी स्थल पर पहुंचे
संवाददाता निरंजन कुमार साव नीड 24न्यूज हजारीबाग
सुशी इन्फ्रा माइनिंग के जीएम आरएस यादव पर लगाया वादा पूरा नहीं करने का आरोप, सीसीएल प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला, कहा- एमडीओ का मामला है, उसे ही देखना है
केरेडारी सीसीएल की चंद्रगुप्त कोल परियोजना में विस्थापितों और स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा एक बार फिर गंभीर रूप लेता नजर आया। सुशी इन्फ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के जीएम आरएस यादव पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पचड़ा गांव निवासी राहुल कुमार आत्महत्या करने की मंशा से कंपनी के साइट कार्यालय परिसर में लगे टावर पर चढ़ गया। युवक के इस कदम से परियोजना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बताया जाता है कि राहुल कुमार चंद्रगुप्त ओसीपी कोल परियोजना के विस्थापित क्षेत्र पचड़ा गांव का निवासी है। उसने सुशी इन्फ्रा माइनिंग के जीएम आरएस यादव पर पूर्व में किए गए वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। युवक की नाराजगी और टावर पर चढ़ने की घटना ने एक बार फिर कोयला परियोजना में स्थानीय युवाओं के रोजगार और कंपनी प्रबंधन के आश्वासनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि मामले में जब सीसीएल प्रबंधन से जवाब मांगा गया तो उसने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह मामला एमडीओ का है और इसे देखना एमडीओ प्रबंधन का काम है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस परियोजना में सीसीएल की निगरानी में एमडीओ के माध्यम से कोयला खनन हो रहा है, वहां विस्थापितों और स्थानीय युवाओं की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? एक ओर कोयला उत्पादन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं को रोजगार और किए गए वादों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है राहुल कुमार का टावर पर चढ़ना इसी गहराते असंतोष की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता युवक को सुरक्षित नीचे उतारना और उसकी जान बचाना है। प्रशासन, पुलिस और कंपनी प्रबंधन को तत्काल हस्तक्षेप कर युवक से बातचीत करते हुए मामले का समाधान करना चाहिए। साथ ही आरएस यादव पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि युवक से क्या आश्वासन दिया गया था और उसे पूरा क्यों नहीं किया गया
संवाददाता निरंजन कुमार साव नीड 24न्यूज हजारीबाग
सुशी इन्फ्रा माइनिंग के जीएम आरएस यादव पर लगाया वादा पूरा नहीं करने का आरोप, सीसीएल प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला, कहा- एमडीओ का मामला है, उसे ही देखना है
केरेडारी सीसीएल की चंद्रगुप्त कोल परियोजना में विस्थापितों और स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा एक बार फिर गंभीर रूप लेता नजर आया। सुशी इन्फ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के जीएम आरएस यादव पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पचड़ा गांव निवासी राहुल कुमार आत्महत्या करने की मंशा से कंपनी के साइट कार्यालय परिसर में लगे टावर पर चढ़ गया। युवक के इस कदम से परियोजना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बताया जाता है कि राहुल कुमार चंद्रगुप्त ओसीपी कोल परियोजना के विस्थापित क्षेत्र पचड़ा गांव का निवासी है। उसने सुशी इन्फ्रा माइनिंग के जीएम आरएस यादव पर पूर्व में किए गए वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। युवक की नाराजगी और टावर पर चढ़ने की घटना ने एक बार फिर कोयला परियोजना में स्थानीय युवाओं के रोजगार और कंपनी प्रबंधन के आश्वासनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि मामले में जब सीसीएल प्रबंधन से जवाब मांगा गया तो उसने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह मामला एमडीओ का है और इसे देखना एमडीओ प्रबंधन का काम है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस परियोजना में सीसीएल की निगरानी में एमडीओ के माध्यम से कोयला खनन हो रहा है, वहां विस्थापितों और स्थानीय युवाओं की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? एक ओर कोयला उत्पादन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं को रोजगार और किए गए वादों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है राहुल कुमार का टावर पर चढ़ना इसी गहराते असंतोष की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता युवक को सुरक्षित नीचे उतारना और उसकी जान बचाना है। प्रशासन, पुलिस और कंपनी प्रबंधन को तत्काल हस्तक्षेप कर युवक से बातचीत करते हुए मामले का समाधान करना चाहिए। साथ ही आरएस यादव पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि युवक से क्या आश्वासन दिया गया था और उसे पूरा क्यों नहीं किया गया