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कोल्हापुर में नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की श्रद्धापूर्वक पूजा, सुख-शांति की कामना
धर्म

कोल्हापुर में नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की श्रद्धापूर्वक पूजा, सुख-शांति की कामना

✍️ रिपोर्टर: डॉ.अजित बाबुराव देसाई 🗓 18 अक्टू. 2026, 07:22 AM 👁 21
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शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन, जिसे महाष्टमी भी कहा जाता है, कोल्हापुर सहित देशभर में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

कोल्हापुर। शारदीय नवरात्रि का पर्व अपने अंतिम चरण में है और आठवें दिन, जिसे महाष्टमी के रूप में भी जाना जाता है, मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर कोल्हापुर सहित देशभर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई, जिन्होंने श्रद्धा और भक्तिभाव से मां महागौरी का जलाभिषेक किया और आरती उतारी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी पवित्रता, शांति, सौंदर्य और करुणा की प्रतीक हैं, और उनकी पूजा से जीवन में सकारात्मकता आती है।

मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत शांत और सौम्य माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिससे उनका शरीर गौर वर्ण का हो गया था। उन्हें चार भुजाओं वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है, जिनके एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में डमरू और अन्य दो हाथ अभय व वरद मुद्रा में होते हैं। उनका वाहन वृषभ (सफेद बैल) है। मां महागौरी की पूजा से भक्तों को धैर्य, समर्पण और ईश्वरीय कृपा का संदेश मिलता है, और वे जीवन के संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं।

अष्टमी के दिन कई घरों में नौ कन्याओं और एक बालक को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया। कन्याओं के पैर धोकर, तिलक लगाकर उन्हें भोजन और उपहार भेंट किए गए। यह परंपरा परिवार और क्षेत्र के रीति-रिवाजों के अनुसार भिन्न हो सकती है। मां महागौरी को सफेद रंग विशेष रूप से प्रिय है, इसलिए पूजा में सफेद फूल, नारियल और मिठाई जैसे सात्त्विक प्रसाद अर्पित किए गए। भक्तों ने 'ॐ देवी महागौर्यै नमः' मंत्र का जाप कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मां महागौरी की पूजा का महत्व जीवन में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने में है। भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। यह पर्व आत्मशुद्धि, नारी सम्मान और मानवीय मूल्यों को अपनाने का भी अवसर प्रदान करता है। इस पावन अवसर पर मां महागौरी से सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनाए रखने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता स्थापित करने की प्रार्थना की गई।
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