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कैला देवी मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ: सीएमएचओ ने दिए दिशा-निर्देश
कैला देवी शारदीय नवरात्र मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीना ने चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संवाददाता बुद्धिप्रकाश माली करौली। कैला देवी शारदीय नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश चंद मीना ने मेला परिसर और कैला देवी मार्ग पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा चौकियों की उपलब्धता का जायजा लिया और संबंधित चिकित्सा अधिकारियों एवं कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान मेला प्रभारी डॉ. लक्ष्मी नारायण मीणा और डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा भी उपस्थित रहे।
सीएमएचओ डॉ. मीना ने इस बात पर जोर दिया कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चिकित्सा दलों को निरंतर सतर्क रहने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयों, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए। किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चिकित्सा कार्मिकों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, मरीजों को उनकी आवश्यकतानुसार तत्काल उपचार और यदि आवश्यक हो तो रेफरल की सुविधाएँ भी सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
डॉ. मीना ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए सभी संबंधित कार्मिकों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी श्रद्धालु को चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सीएमएचओ डॉ. मीना ने इस बात पर जोर दिया कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चिकित्सा दलों को निरंतर सतर्क रहने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयों, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए। किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चिकित्सा कार्मिकों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, मरीजों को उनकी आवश्यकतानुसार तत्काल उपचार और यदि आवश्यक हो तो रेफरल की सुविधाएँ भी सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
डॉ. मीना ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए सभी संबंधित कार्मिकों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी श्रद्धालु को चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।