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कक्षा 9 की छात्रा अलशिफा बनी बदायूं की एक दिन की सीडीओ, मिशन शक्ति से बेटियों को मिली प्रेरणा
बदायूं में 'मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0' के तहत एक अनूठी पहल की गई, जिसमें कक्षा 9 की छात्रा अलशिफा को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बनाया गया। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।
बदायूं में 'मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0' के तहत एक प्रेरणादायक पहल की गई है, जिसके अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (जगत) की कक्षा 9 की छात्रा अलशिफा को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) का पदभार सौंपा गया। इस दौरान, सीडीओ गामिनी सिंगला के मार्गदर्शन में अलशिफा ने जिले के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को करीब से समझा।
इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। इसके माध्यम से छात्राओं को यह प्रेरित किया जा रहा है कि वे बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और भविष्य में उच्च प्रशासनिक पदों पर पहुंचकर देश व समाज की सेवा करने के लिए तैयार हों।
अलशिफा ने एक दिन के सीडीओ के रूप में प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझा और विकास कार्यों की समीक्षा में भाग लिया। यह अनुभव उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिसने उन्हें भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। मिशन शक्ति अभियान के तहत ऐसी पहलें बेटियों को सशक्त बनाने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए पंख दे रही हैं।
इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। इसके माध्यम से छात्राओं को यह प्रेरित किया जा रहा है कि वे बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और भविष्य में उच्च प्रशासनिक पदों पर पहुंचकर देश व समाज की सेवा करने के लिए तैयार हों।
अलशिफा ने एक दिन के सीडीओ के रूप में प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझा और विकास कार्यों की समीक्षा में भाग लिया। यह अनुभव उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिसने उन्हें भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। मिशन शक्ति अभियान के तहत ऐसी पहलें बेटियों को सशक्त बनाने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए पंख दे रही हैं।