Crime
काजल गोंड की अपहरण‑हत्या केस में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यवाही में देरी, बलिया में उठी जड़ता की लहर
20 अक्टूबर को बलिया के मुजही गांव में काजल गोंड का अपहरण कर हत्या कर दी गई, परन्तु प्राथमिक सूचना रिपोर्ट में देरी के कारण परिवार को न्याय नहीं मिला।
20 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के मुजही गांव में काजल गोंड का अपहरण कर उसे रेफ करके हत्या कर दी गई। अपराधियों ने मृत शरीर को बक्से में भर कर गंगा नदी में फेंक दिया, जिसे 27 अक्टूबर को नदी के किनारे मिला।
परिवार ने ही 20 अक्टूबर को स्थानीय पुलिस स्टेशन पकड़ी को घटना की सूचना दी। हालांकि, प्राथमिक सूचना रिपोर्ट केवल 26 अक्टूबर को दर्ज की गई और इस बीच अपराधियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई।
परिवार और उनके वकील विपिन गोंड ने पुलिस और सरकार से तत्काल न्याय की मांग की है, यह कहा कि दलित वर्ग के लोगों के लिये प्रशासनिक लापरवाही असहनीय है। उन्होंने कहा कि यदि हत्या और रेफ के आरोपों के तहत उचित मुकदमा नहीं चलाया गया तो सामाजिक अशांति उत्पन्न होगी।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस मामले में न्याय की पुकार उठाई है और पुलिस को शीघ्र कार्यवाही करने का आग्रह किया है। इस घटना ने उत्तर प्रदेश सरकार को भी इस क्षेत्र में सुरक्षा और कानून प्रवर्तन को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाल दिया है।
परिवार ने ही 20 अक्टूबर को स्थानीय पुलिस स्टेशन पकड़ी को घटना की सूचना दी। हालांकि, प्राथमिक सूचना रिपोर्ट केवल 26 अक्टूबर को दर्ज की गई और इस बीच अपराधियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई।
परिवार और उनके वकील विपिन गोंड ने पुलिस और सरकार से तत्काल न्याय की मांग की है, यह कहा कि दलित वर्ग के लोगों के लिये प्रशासनिक लापरवाही असहनीय है। उन्होंने कहा कि यदि हत्या और रेफ के आरोपों के तहत उचित मुकदमा नहीं चलाया गया तो सामाजिक अशांति उत्पन्न होगी।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस मामले में न्याय की पुकार उठाई है और पुलिस को शीघ्र कार्यवाही करने का आग्रह किया है। इस घटना ने उत्तर प्रदेश सरकार को भी इस क्षेत्र में सुरक्षा और कानून प्रवर्तन को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाल दिया है।