राजनीति
कांग्रेस नेता का पूर्व मंत्री पर तीखा प्रहार: 'महिलाओं का सहारा लेकर डूबती नैया बचा रहे नारद राय'
बलिया में कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने पूर्व मंत्री नारद राय पर महिलाओं को आगे कर कांग्रेस भवन आने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राय अपनी डूबती सियासी नैया बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
बलिया। फेफना विधानसभा क्षेत्र में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री नारद राय पर तीखा हमला बोला है। अशोक सिंह ने कहा कि पूर्व मंत्री नारद राय अपनी डूबती सियासी नैया बचाने के लिए अब महिलाओं का सहारा ले रहे हैं।
यह पूरा मामला कांग्रेस भवन, बलिया का है। पूर्व मंत्री नारद राय हाल ही में महिलाओं के एक समूह के साथ कांग्रेस भवन पहुंचे थे। कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन संघर्ष और विचारधारा का मंदिर है, न कि दल-बदलुओं के लिए शरण स्थली।
कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने पी टी खबर से बातचीत में कहा, "नारद राय जी पहले सपा में मंत्री थे, फिर बीजेपी में चले गए। अब जब दोनों जगह से उनका जनाधार खिसक गया है तो वे कांग्रेस भवन की ओर रुख कर रहे हैं, और वह भी महिलाओं को आगे करके। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"
उन्होंने आगे कहा, "फेफना की जनता जानती है कि कौन जमीनी नेता है और कौन सिर्फ मौसम देखकर दल बदलता है। महिलाओं को मोहरा बनाकर राजनीति करना बंद करना चाहिए। अगर हिम्मत है तो अपने किए हुए कामों पर वोट मांगें, महिलाओं के कंधे पर बंदूक रखकर नहीं।" अशोक सिंह के इस बयान के बाद बलिया की राजनीति और गरमा गई है।
यह पूरा मामला कांग्रेस भवन, बलिया का है। पूर्व मंत्री नारद राय हाल ही में महिलाओं के एक समूह के साथ कांग्रेस भवन पहुंचे थे। कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन संघर्ष और विचारधारा का मंदिर है, न कि दल-बदलुओं के लिए शरण स्थली।
कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने पी टी खबर से बातचीत में कहा, "नारद राय जी पहले सपा में मंत्री थे, फिर बीजेपी में चले गए। अब जब दोनों जगह से उनका जनाधार खिसक गया है तो वे कांग्रेस भवन की ओर रुख कर रहे हैं, और वह भी महिलाओं को आगे करके। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"
उन्होंने आगे कहा, "फेफना की जनता जानती है कि कौन जमीनी नेता है और कौन सिर्फ मौसम देखकर दल बदलता है। महिलाओं को मोहरा बनाकर राजनीति करना बंद करना चाहिए। अगर हिम्मत है तो अपने किए हुए कामों पर वोट मांगें, महिलाओं के कंधे पर बंदूक रखकर नहीं।" अशोक सिंह के इस बयान के बाद बलिया की राजनीति और गरमा गई है।