सरकारी योजना
"कागजों में लाखों का भुगतान, धरती टोला में नल-जल योजना ठप! आखिर कौन है जिम्मेदार? क्या प्रशासन करेगा जांच?" राजभान कुशवाहा | विशेष रिपोर्ट | जिला शहडोल, मध्य प्रदेश
नल-जल योजना के नाम पर लाखों का भुगतान, धरती टोला में जलापूर्ति ठप! ग्राम पंचायत बलबहरा की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल शहडोल/बुढ़ार। जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत बलबहरा के धरती टोला में नल-जल योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि नल-जल व्यवस्था के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत में जलापूर्ति ठप पड़ी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजना की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि लाखों रुपये का भुगतान किया जा चुका है, तो आखिर ग्रामीणों को योजना का लाभ क्यों नहीं मिल रहा?
बड़ा सवाल—आखिर कहां खर्च हुई लाखों की राशि?
नल-जल योजना के नाम पर हुए कथित भुगतान को लेकर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों, सचिव, सरपंच एवं संबंधित तकनीकी अमले की भूमिका की जांच की मांग उठ रही है।
जांच के प्रमुख सवाल:
* नल-जल योजना के लिए कुल कितनी राशि स्वीकृत और भुगतान की गई?
* क्या भुगतान से पहले कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया?
* यदि योजना पूरी हो चुकी है, तो जलापूर्ति बंद क्यों है?
* क्या कार्य का मूल्यांकन वास्तविक स्थिति के अनुसार किया गया?
जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा
इस मामले में जिला कलेक्टर शहडोल एवं जनपद पंचायत बुढ़ार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से योजना के भुगतान, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और वर्तमान स्थिति की निष्पक्ष जांच कराने की अपेक्षा है।
"कागजों में लाखों का भुगतान, धरती टोला में नल-जल योजना ठप! आखिर कौन है जिम्मेदार? क्या प्रशासन करेगा जांच
ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजना की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि लाखों रुपये का भुगतान किया जा चुका है, तो आखिर ग्रामीणों को योजना का लाभ क्यों नहीं मिल रहा?
बड़ा सवाल—आखिर कहां खर्च हुई लाखों की राशि?
नल-जल योजना के नाम पर हुए कथित भुगतान को लेकर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों, सचिव, सरपंच एवं संबंधित तकनीकी अमले की भूमिका की जांच की मांग उठ रही है।
जांच के प्रमुख सवाल:
* नल-जल योजना के लिए कुल कितनी राशि स्वीकृत और भुगतान की गई?
* क्या भुगतान से पहले कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया?
* यदि योजना पूरी हो चुकी है, तो जलापूर्ति बंद क्यों है?
* क्या कार्य का मूल्यांकन वास्तविक स्थिति के अनुसार किया गया?
जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा
इस मामले में जिला कलेक्टर शहडोल एवं जनपद पंचायत बुढ़ार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से योजना के भुगतान, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और वर्तमान स्थिति की निष्पक्ष जांच कराने की अपेक्षा है।
"कागजों में लाखों का भुगतान, धरती टोला में नल-जल योजना ठप! आखिर कौन है जिम्मेदार? क्या प्रशासन करेगा जांच