कच्छ जिले के विराणीया गांव में रात्रि भोजन के पश्चात लौटते समय ग्रामवासियों के बीच रुककर उनसे अत्यंत आत्मीय एवं सहज वातावरण में રાજ્યપાલ શ્રી આચાર્ય દેવવ્રતજી ને संवाद किया।
कच्छ जिले के विराणीया गांव में रात्रि भोजन के पश्चात लौटते समय ग्रामवासियों के बीच रुककर उनसे अत्यंत आत्मीय एवं सहज वातावरण में રાજ્યપાલ શ્રી આચાર્ય દેવવ્રતજી ને संवाद किया।
रात्रि में गांव की चौपाल पर एकत्रित ग्रामवासियों के साथ खड़े होकर उनके हाल-चाल जाने और उनके दैनिक जीवन के अनुभवों को आत्मीयता से सुना।
कच्छ के ग्रामीण जीवन की सादगी, आतिथ्य और परस्पर प्रेम ने मन को अत्यंत अभिभूत किया।
ग्रामीण भारत की वास्तविक सुंदरता यहां के लोगों के निश्छल प्रेम और सादगी में निहित है। विराणीया गांव के परिजनों का यह अपनापन और स्नेह सदैव स्मरणीय रहेगा।
रात्रि में गांव की चौपाल पर एकत्रित ग्रामवासियों के साथ खड़े होकर उनके हाल-चाल जाने और उनके दैनिक जीवन के अनुभवों को आत्मीयता से सुना।
कच्छ के ग्रामीण जीवन की सादगी, आतिथ्य और परस्पर प्रेम ने मन को अत्यंत अभिभूत किया।
ग्रामीण भारत की वास्तविक सुंदरता यहां के लोगों के निश्छल प्रेम और सादगी में निहित है। विराणीया गांव के परिजनों का यह अपनापन और स्नेह सदैव स्मरणीय रहेगा।