📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aryan2026
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संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 07 सित. 2026, 12:37 PM
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जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने जयपुर में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की शपथ के साथ राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को अपने नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया, जिससे वह कोर्ट के 44वें प्रमुख बनेंगे। जयपुर में आयोजित शपथ समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने औपचारिक रूप से शपथ दिलाई।
ज्येष्ठ न्यायाधीश, जिनका न्यायिक क्षेत्र में व्यापक अनुभव है, उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश को पदत्याग करने के बाद इस जिम्मेदारी को संभाला है। उनका कार्यकाल राज्य भर में न्याय व्यवस्था की स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
राज्यपाल की उपस्थिति इस उच्च स्तर की न्यायिक नियुक्ति में संवैधानिक प्रोटोकॉल को रेखांकित करती है। नए मुख्य न्यायाधीश से अपेक्षा है कि वे लंबित मामलों को सुलझाएँगे और कोर्ट को आगामी विधायी एवं प्रक्रियात्मक सुधारों में मार्गदर्शन करेंगे।
वकीलों और मुकदमेबाजों सहित सभी हितधारकों ने इस नियुक्ति का स्वागत किया है, क्योंकि अग्रवाल को निष्पक्षता और कानूनी कुशलता के लिए जाना जाता है। उनका नेतृत्व में हाईकोर्ट नागरिक, आपराधिक और संवैधानिक मामलों की कार्यसूची को जारी रखेगा।
शपथ समारोह के अंत में राज्यपाल बागड़े ने एक संक्षिप्त भाषण दिया, जिसमें राजस्थान में कानून के शासन को बनाए रखने में स्वतंत्र न्यायपालिका के महत्व पर बल दिया गया।
ज्येष्ठ न्यायाधीश, जिनका न्यायिक क्षेत्र में व्यापक अनुभव है, उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश को पदत्याग करने के बाद इस जिम्मेदारी को संभाला है। उनका कार्यकाल राज्य भर में न्याय व्यवस्था की स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
राज्यपाल की उपस्थिति इस उच्च स्तर की न्यायिक नियुक्ति में संवैधानिक प्रोटोकॉल को रेखांकित करती है। नए मुख्य न्यायाधीश से अपेक्षा है कि वे लंबित मामलों को सुलझाएँगे और कोर्ट को आगामी विधायी एवं प्रक्रियात्मक सुधारों में मार्गदर्शन करेंगे।
वकीलों और मुकदमेबाजों सहित सभी हितधारकों ने इस नियुक्ति का स्वागत किया है, क्योंकि अग्रवाल को निष्पक्षता और कानूनी कुशलता के लिए जाना जाता है। उनका नेतृत्व में हाईकोर्ट नागरिक, आपराधिक और संवैधानिक मामलों की कार्यसूची को जारी रखेगा।
शपथ समारोह के अंत में राज्यपाल बागड़े ने एक संक्षिप्त भाषण दिया, जिसमें राजस्थान में कानून के शासन को बनाए रखने में स्वतंत्र न्यायपालिका के महत्व पर बल दिया गया।