📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sridhar Elangovan
देश
न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे बने एमपी हाईकोर्ट के 30वें मुख्य न्यायाधीश
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 11 सित. 2026, 10:06 PM
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अल्पेश यशवंत कोगजे ने एमपी हाईकोर्ट के 30वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली, औपचारिक स्वागत समारोह में सम्मानित हुए।
न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे ने एमपी हाईकोर्ट के 30वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली, जिससे राज्य के न्यायिक नेतृत्व में नई दिशा का संकेत मिला। हाईकोर्ट परिसर में आयोजित समारोह में "गॉड ऑफ ऑनर" का पारम्परिक स्वागत किया गया, जो इस पद के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
कोगजे, जो कई वर्षों से एमपी हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं, न्यायपालिका के समय पर न्याय प्रदान करने की भूमिका के प्रति बढ़ती सार्वजनिक जाँच के बीच मुख्य न्यायाधीश का पद संभाल रहे हैं। उनका पदोन्नयन वरिष्ठता और अनुभव को प्रतिबिंबित करता है, जो अदालत के प्रशासन को सुगम बनाने में आवश्यक माना जाता है।
वरिष्ठ न्यायाधीश, कोर्ट अधिकारी और कई मान्यजन शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहे, जिससे न्यायपालिका के भीतर सहयोगी भावना स्पष्ट हुई। कोगजे ने अपने संक्षिप्त संबोधन में न्यायपालिका की निष्पक्षता, दक्षता और कानून के शासन को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट स्तर पर स्थिर नेतृत्व न्याय प्रणाली में सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर जब अदालत राज्य भर में बढ़ते सिविल और आपराधिक मामलों को संभाल रही है।
कोगजे, जो कई वर्षों से एमपी हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं, न्यायपालिका के समय पर न्याय प्रदान करने की भूमिका के प्रति बढ़ती सार्वजनिक जाँच के बीच मुख्य न्यायाधीश का पद संभाल रहे हैं। उनका पदोन्नयन वरिष्ठता और अनुभव को प्रतिबिंबित करता है, जो अदालत के प्रशासन को सुगम बनाने में आवश्यक माना जाता है।
वरिष्ठ न्यायाधीश, कोर्ट अधिकारी और कई मान्यजन शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहे, जिससे न्यायपालिका के भीतर सहयोगी भावना स्पष्ट हुई। कोगजे ने अपने संक्षिप्त संबोधन में न्यायपालिका की निष्पक्षता, दक्षता और कानून के शासन को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट स्तर पर स्थिर नेतृत्व न्याय प्रणाली में सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर जब अदालत राज्य भर में बढ़ते सिविल और आपराधिक मामलों को संभाल रही है।