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राजनीति
जम्मू और कश्मीर सरकार ने अमरनाथ तीर्थ बोर्ड के अतिरिक्त सीईओ के रूप में आईएएस अधिकारी नियुक्त किया
✍️ Kashmir Life
🗓 29 अक्टू. 2026, 06:46 AM
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जम्मू और कश्मीर सरकार ने अमरनाथ तीर्थ बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में एक आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की है, जिससे तीर्थस्थल के प्रबंधन में प्रशासनिक निगरानी को सुदृढ़ करने का लक्ष्य है।
जम्मू और कश्मीर सरकार ने मंगलवार को अमरनाथ तीर्थ बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में एक आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की घोषणा की। नया अधिकारी मौजूदा सीईओ के साथ मिलकर बोर्ड के कार्यों की निगरानी करेगा और तीर्थस्थल की गतिविधियों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करेगा।
अतिरिक्त सीईओ से प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी लेने, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करने और तीर्थस्थल के बुनियादी ढांचे व तीर्थयात्रियों की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नीतियों को लागू करने की उम्मीद है। यह नियुक्ति राज्य के प्रयासों के तहत की गई है ताकि अमरनाथ यात्रा स्थल पर शासन व्यवस्था में सुधार हो सके।
अमरनाथ तीर्थ बोर्ड, जो अमरनाथ गुफा और वार्षिक तीर्थयात्रा की देखरेख के लिए जिम्मेदार है, भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस नई नियुक्ति से अनुभवसंपन्न प्रशासनिक विशेषज्ञता लाकर इन समस्याओं का समाधान करने का लक्ष्य है।
अधिकारी कहते हैं कि यह कदम निर्णय‑निर्धारण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा और बोर्ड व राज्य सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करेगा, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।
अतिरिक्त सीईओ से प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी लेने, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करने और तीर्थस्थल के बुनियादी ढांचे व तीर्थयात्रियों की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नीतियों को लागू करने की उम्मीद है। यह नियुक्ति राज्य के प्रयासों के तहत की गई है ताकि अमरनाथ यात्रा स्थल पर शासन व्यवस्था में सुधार हो सके।
अमरनाथ तीर्थ बोर्ड, जो अमरनाथ गुफा और वार्षिक तीर्थयात्रा की देखरेख के लिए जिम्मेदार है, भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस नई नियुक्ति से अनुभवसंपन्न प्रशासनिक विशेषज्ञता लाकर इन समस्याओं का समाधान करने का लक्ष्य है।
अधिकारी कहते हैं कि यह कदम निर्णय‑निर्धारण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा और बोर्ड व राज्य सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करेगा, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।