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जम्मू-कश्मीर सरकार ने बिना प्रमुख वाले शैक्षणिक संस्थानों को DDO अधिकार सौंपे
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
शिक्षा

जम्मू-कश्मीर सरकार ने बिना प्रमुख वाले शैक्षणिक संस्थानों को DDO अधिकार सौंपे

✍️ Kashmir Life 🗓 10 सित. 2026, 08:37 AM 👁 41
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बिना प्रमुख वाले शैक्षणिक संस्थानों को DDO अधिकार सौंपे हैं, जिससे वित्तीय कार्यवाही में सुगमता आएगी।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने उन शैक्षणिक संस्थानों को Drawing and Disbursing Officer (DDO) के अधिकार सौंपे हैं जो वर्तमान में प्रमुख या प्रिंसिपल के बिना कार्यरत हैं। यह कदम वित्तीय लेन‑देनों, वेतन भुगतान और खरीदारी जैसे कार्यों को बिना प्रशासनिक अड़चन के जारी रखने के लिए उठाया गया है।

नए आदेश के तहत नियुक्त DDO संस्थानों के फंड रिलीज़, खातों का रख‑रखाव और खर्चों की निगरानी मौजूदा वित्तीय नियमों के अनुसार करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से स्टाफ़ के वेतन में देरी और आवश्यक सामग्री की खरीद में बाधा नहीं आएगी, जो प्रमुख की अनुपस्थिति से उत्पन्न हुई थी।

हाल ही में कई कॉलेज और स्कूलों में प्रिंसिपल के हटाए जाने या इस्तीफ़ा देने के बाद प्रशासनिक कठिनाइयाँ बढ़ गई थीं। DDO अधिकार सीधे सौंपकर सरकार सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने और स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया के चलने तक अंतराल को कम करने का लक्ष्य रखती है।

शिक्षा विभाग के स्रोतों ने बताया कि यह आदेश तुरंत लागू किया जाएगा और प्रत्येक प्रभावित संस्थान को औपचारिक सूचना भेजी जाएगी। साथ ही DDO को वित्तीय गतिविधियों की नियमित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है, जिससे पारदर्शिता और अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
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