📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / State Records NSW
शिक्षा
जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में लेक्चरर्स की नियुक्ति का आदेश जारी
✍️ Kashmir Life
🗓 19 अक्टू. 2026, 11:46 AM
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में लेक्चरर्स की नियुक्ति का आदेश जारी किया है, जिससे खाली शिक्षण पदों को भरना लक्ष्य है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में खाली लेक्चरर पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जारी किया है। यह आदेश राज्य प्रशासन द्वारा जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में योग्य शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर करना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस निर्देश के तहत राज्य भर में आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे, और पात्रता मानदंड तथा चयन प्रक्रिया आधिकारिक माध्यमों से सूचित की जाएगी। चयन में शैक्षणिक योग्यता और शिक्षण अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन पदों की त्वरित भरपाई से कक्षा में छात्र-शिक्षक अनुपात सुधरेगा और सार्वजनिक स्कूलों में शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा। सरकार ने कहा है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने पर नियुक्तियां कुछ हफ्तों के भीतर हो सकती हैं।
यह कदम आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारी में शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे जम्मू और कश्मीर में schooling की गुणवत्ता और पहुँच दोनों में सुधार हो सके।
स्कूल प्रमुखों और अभिभावक समूहों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, क्योंकि अतिरिक्त स्टाफ से शिक्षक अनुपस्थिति कम होगी और छात्रों को निरंतर शिक्षा मिल सकेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस निर्देश के तहत राज्य भर में आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे, और पात्रता मानदंड तथा चयन प्रक्रिया आधिकारिक माध्यमों से सूचित की जाएगी। चयन में शैक्षणिक योग्यता और शिक्षण अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन पदों की त्वरित भरपाई से कक्षा में छात्र-शिक्षक अनुपात सुधरेगा और सार्वजनिक स्कूलों में शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा। सरकार ने कहा है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने पर नियुक्तियां कुछ हफ्तों के भीतर हो सकती हैं।
यह कदम आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारी में शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे जम्मू और कश्मीर में schooling की गुणवत्ता और पहुँच दोनों में सुधार हो सके।
स्कूल प्रमुखों और अभिभावक समूहों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, क्योंकि अतिरिक्त स्टाफ से शिक्षक अनुपस्थिति कम होगी और छात्रों को निरंतर शिक्षा मिल सकेगी।