📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
राजनीति
जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने स्वायत्तता के उल्लेख के साथ राज्यता प्रस्ताव पारित किया, बीजेपी ने किया बहिष्कार
✍️ pragativadi.com
🗓 29 सित. 2026, 02:16 PM
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने राज्यता और स्वायत्तता के उल्लेख वाला प्रस्ताव पारित किया, जबकि बीजेपी विधायक ने किया बहिष्कार।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के एक सत्र में सदस्यों ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया जिसमें संघ क्षेत्र को पूर्ण राज्यता प्रदान करने और अधिक स्वायत्त अधिकारों की मांग की गई है। इस प्रस्ताव की भाषा क्षेत्रीय दलों की पूर्व 2019 की स्थिति को फिर से स्थापित करने की दीर्घकालिक मांगों को दर्शाती है।
संक्षिप्त बहस के बाद बहुमत ने इस प्रस्ताव को समर्थन दिया। इसमें विशिष्ट समय‑सीमा या कानूनी प्रक्रियाएँ नहीं बताई गईं, परन्तु यह क्षेत्र की संवैधानिक स्थिति पर पुनर्विचार का संकेत है।
भाजपा के विधायक इस दौरान बहस के रिकॉर्ड होते ही सभागृह से बाहर निकल गए, जिससे उनके स्वायत्तता संबंधी शब्दावली के प्रति विरोध का स्पष्ट संकेत मिला। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की नीतियों के विपरीत बताया।
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के बहिष्कार के बावजूद इस प्रस्ताव का पारित होना जम्मू-कश्मीर के भविष्य के शासन मॉडल पर केंद्र और राज्य के बीच चर्चा को तेज़ कर सकता है।
संक्षिप्त बहस के बाद बहुमत ने इस प्रस्ताव को समर्थन दिया। इसमें विशिष्ट समय‑सीमा या कानूनी प्रक्रियाएँ नहीं बताई गईं, परन्तु यह क्षेत्र की संवैधानिक स्थिति पर पुनर्विचार का संकेत है।
भाजपा के विधायक इस दौरान बहस के रिकॉर्ड होते ही सभागृह से बाहर निकल गए, जिससे उनके स्वायत्तता संबंधी शब्दावली के प्रति विरोध का स्पष्ट संकेत मिला। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की नीतियों के विपरीत बताया।
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के बहिष्कार के बावजूद इस प्रस्ताव का पारित होना जम्मू-कश्मीर के भविष्य के शासन मॉडल पर केंद्र और राज्य के बीच चर्चा को तेज़ कर सकता है।