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28 सित. 2026•
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झारखंड के जनजातियों ने राजकोट में गांधी के गीतों को जीवंत किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
मनोरंजन

झारखंड के जनजातियों ने राजकोट में गांधी के गीतों को जीवंत किया

✍️ timesofindia.indiatimes.com 🗓 16 सित. 2026, 07:46 AM 👁 49
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झारखंड की जनजातियों ने गांधी के गीतों को पुनर्जीवित कर गुजरात के राजकोट में प्रस्तुत किए हैं।

झारखंड की जनजातीय संगीतकारों के एक समूह ने महात्मा गांधी के गीतों को संरक्षित किया है और इन्हें गुजरात के राजकोट में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं। ये गीत पीढ़ी दर पीढ़ी मौखिक रूप से संजोए गए थे, जो गांधीजी के आदर्शों को संगीत में उतारते हैं। उनका उद्देश्य राजकोट के दर्शकों को इस अनूठी सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराना है, जिससे क्षेत्रीय परंपराओं में सेतु बन सके।

यह पहल दर्शाती है कि स्वदेशी समुदाय राष्ट्रीय इतिहास को मुख्यधारा के अभिलेखों से परे कैसे संरक्षित करते हैं। गीतों को नई दर्शक वर्ग तक पहुँचाकर, जनजातीय कलाकार गांधीजी के विचारों की व्यापक समझ और सराहना को बढ़ावा देना चाहते हैं। इस कार्यक्रम को झारखंड और गुजरात के बीच सांस्कृतिक आदान‑प्रदान के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया है।

विवरण अभी सीमित हैं, लेकिन इस परियोजना से यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के लोकगीतों को पुनर्जीवित करने में बढ़ती रुचि है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सहयोगी पहलें राज्य‑स्तर पर सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत कर सकती हैं और संगीत के माध्यम से अहिंसा व एकता की भावना को जीवित रख सकती हैं।
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