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झारखंड हाई कोर्ट ने फ्लिपकार्ट और ई‑कार्ट कर्मचारियों के धोखाधड़ी मामले को खारिज किया
✍️ Live Law
🗓 01 सित. 2026, 03:32 AM
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झारखंड हाई कोर्ट ने फ्लिपकार्ट और ई‑कार्ट कर्मचारियों के खिलाफ लापता शिपमेंट के आरोप में दायर धोखाधड़ी मामले को खारिज कर दिया।
झारखंड हाई कोर्ट ने ई‑कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट और उसके ई‑कार्ट कर्मचारियों के खिलाफ दायर धोखाधड़ी मामले को खारिज कर दिया है। यह मामला ग्राहकों के शिपमेंट के लापता होने के आरोपों पर आधारित था, जिससे कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी।
कोर्ट ने मामले को निरस्त कर दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत साक्ष्य आपराधिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये पर्याप्त नहीं थे। इस फैसले से ऑनलाइन रिटेलर और उसके लॉजिस्टिक विभाग पर लगा कानूनी बोझ हट गया है।
यह निर्णय भारत में ई‑कॉमर्स लॉजिस्टिक्स की बढ़ती जांच के बीच आया है, जहाँ डिलीवरी में देरी या लापता शिपमेंट की शिकायतें बढ़ रही हैं। कोर्ट ने खारिज करने के कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया, पर विशेषज्ञों का मानना है कि प्रक्रिया संबंधी खामियों या ठोस सबूतों की कमी ने इस परिणाम को जन्म दिया।
फ्लिपकार्ट और ई‑कार्ट कर्मचारियों ने इस फैसले के बाद कोई टिप्पणी नहीं की, और कोर्ट ने आगे कोई जांच का आदेश नहीं दिया। यह रुख कंपनी को अस्थायी राहत प्रदान करेगा, जबकि वह देश भर में डिलीवरी समस्याओं से निपटना जारी रखेगा।
कोर्ट ने मामले को निरस्त कर दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत साक्ष्य आपराधिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये पर्याप्त नहीं थे। इस फैसले से ऑनलाइन रिटेलर और उसके लॉजिस्टिक विभाग पर लगा कानूनी बोझ हट गया है।
यह निर्णय भारत में ई‑कॉमर्स लॉजिस्टिक्स की बढ़ती जांच के बीच आया है, जहाँ डिलीवरी में देरी या लापता शिपमेंट की शिकायतें बढ़ रही हैं। कोर्ट ने खारिज करने के कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया, पर विशेषज्ञों का मानना है कि प्रक्रिया संबंधी खामियों या ठोस सबूतों की कमी ने इस परिणाम को जन्म दिया।
फ्लिपकार्ट और ई‑कार्ट कर्मचारियों ने इस फैसले के बाद कोई टिप्पणी नहीं की, और कोर्ट ने आगे कोई जांच का आदेश नहीं दिया। यह रुख कंपनी को अस्थायी राहत प्रदान करेगा, जबकि वह देश भर में डिलीवरी समस्याओं से निपटना जारी रखेगा।