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झारखंड उच्च न्यायालय ने कहा, वित्तीय निगम द्वारा संपत्ति बिक्री से किरायेदारों को हटाया नहीं जा सकता
✍️ The Times of India
🗓 29 सित. 2026, 01:17 AM
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झारखंड उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वित्तीय निगम द्वारा संपत्ति की बिक्री से पहले से रहने वाले किरायेदारों को स्वतः हटाया नहीं जा सकता।
झारखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को यह निर्णय दिया कि किसी वित्तीय निगम द्वारा संपत्ति की बिक्री से पहले से रहने वाले किरायेदारों को स्वतः हटाया नहीं जा सकता। अदालत ने कहा कि किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत किरायेदारों के अधिकार सुरक्षित हैं और केवल स्वामित्व परिवर्तन से उन्हें बेदखल नहीं किया जा सकता। यह निर्णय उन किरायेदारों की याचिका के बाद आया जो अपनी इमारत की बिक्री के बाद बेदखली नोटिस का सामना कर रहे थे। अदालत ने जोर दिया कि किसी भी बेदखली के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है और नया मालिक बिना वैधानिक प्रक्रिया के किरायेदारों को नहीं हटा सकता। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला किरायेदार संरक्षण कानूनों को मजबूत करेगा और राज्य के अन्य समान मामलों के लिए मिसाल बनेगा।