राजनीति
झारखंड में जल जीवन मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा, मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने लंबित कार्यों पर जताई नाराजगी
झारखंड के मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग योगेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिलों में संचालित पेयजल योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंत्री ने लंबित कार्यों में विलंब पर नाराजगी जताई और निर्धारित समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
झारखंड सरकार के मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग योगेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार, हजारीबाग में जल जीवन मिशन के तहत हजारीबाग, रामगढ़, चतरा एवं कोडरमा जिलों में संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करना था।
बैठक में सिंगल विलेज स्कीम (SVS), रॉ वाटर राइजिंग एवं क्लीन वाटर राइजिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा पेयजलापूर्ति से संबंधित अन्य आधारभूत संरचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों एवं संवेदकों से योजनावार कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
कार्यों में हो रहे विलंब और योजनाओं के सुचारू रूप से संचालित न होने पर मंत्री ने अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आमजनों की मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी पेयजलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारना सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
मंत्री ने यह भी कहा कि पेयजलापूर्ति योजना को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है, क्योंकि शुद्ध पेयजल प्रत्येक मानव का मौलिक अधिकार है। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों एवं संवेदकों को जिम्मेदारी लेते हुए आम नागरिकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में सिंगल विलेज स्कीम (SVS), रॉ वाटर राइजिंग एवं क्लीन वाटर राइजिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा पेयजलापूर्ति से संबंधित अन्य आधारभूत संरचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों एवं संवेदकों से योजनावार कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
कार्यों में हो रहे विलंब और योजनाओं के सुचारू रूप से संचालित न होने पर मंत्री ने अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आमजनों की मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी पेयजलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारना सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
मंत्री ने यह भी कहा कि पेयजलापूर्ति योजना को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है, क्योंकि शुद्ध पेयजल प्रत्येक मानव का मौलिक अधिकार है। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों एवं संवेदकों को जिम्मेदारी लेते हुए आम नागरिकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।