जयपुर के लुनियावास में भूमाफियाओं के हौसलों बुलंद खसरा की जमीन पर बसाया जारी कॉलोनी
काश्तकार जगदीश मीना ने भूमाफियाओं प्रति कॉलोनी बसाने का लगाया अरोप खसरा नंबर 1394 में कोर्ट हिस्ट्री है कॉलोनी क्यों बताई जा रही है
जयपुर के लुनियावास में खसरा नंबर 1394 पर अवैध कॉलोनी बसाने का आरोप, काश्तकार ने उठाए सवाल
जोन-10 के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण होने का आरोप, जेडीए की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
जयपुर। राजधानी जयपुर के लुनियावास क्षेत्र में जवाहर भाटी की जवाहर वाटिका से नूर नगर की ओर जाने वाली सड़क के पास स्थित खसरा नंबर 1394 को लेकर विवाद सामने आया है। काश्तकार जगदीश मीना ने आरोप लगाया है कि खसरा नंबर 1394 के मालिक से बिना बातचीत और सहमति किए ही भूमाफियाओं द्वारा जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी बसाई जा रही है।
जगदीश मीना का कहना है कि जमीन को लेकर काश्तकार अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहे हैं, इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी जमीन को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन हो या न्यायालय से स्थगन आदेश जारी हो, तो ऐसे में निर्माण कार्य किस आधार पर किया जा रहा है?
काश्तकार ने यह भी कहा कि संबंधित क्षेत्र जेडीए जोन नंबर 10 के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में आता है। ऐसे में भूमि के उपयोग, कॉलोनी बसाने और निर्माण कार्यों की वैधता की जांच करना आवश्यक है। यदि निर्माण बिना जरूरी अनुमति के किया जा रहा है, तो संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
जेडीए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
इस मामले में संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि खसरा नंबर 1394 के राजस्व रिकॉर्ड, जमीन के स्वामित्व, कॉलोनी की वैधता तथा निर्माण संबंधी स्वीकृतियों की जांच कराई जाए। साथ ही, ग्रीन बेल्ट के नियमों और लागू न्यायालयी आदेशों की स्थिति स्पष्ट की जाए।
अब सवाल यह है कि क्या जेडीए जोन नंबर 10 के अधिकारी मौके का निरीक्षण कर जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे? यदि अवैध कॉलोनी या बिना अनु
जोन-10 के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण होने का आरोप, जेडीए की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
जयपुर। राजधानी जयपुर के लुनियावास क्षेत्र में जवाहर भाटी की जवाहर वाटिका से नूर नगर की ओर जाने वाली सड़क के पास स्थित खसरा नंबर 1394 को लेकर विवाद सामने आया है। काश्तकार जगदीश मीना ने आरोप लगाया है कि खसरा नंबर 1394 के मालिक से बिना बातचीत और सहमति किए ही भूमाफियाओं द्वारा जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी बसाई जा रही है।
जगदीश मीना का कहना है कि जमीन को लेकर काश्तकार अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहे हैं, इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी जमीन को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन हो या न्यायालय से स्थगन आदेश जारी हो, तो ऐसे में निर्माण कार्य किस आधार पर किया जा रहा है?
काश्तकार ने यह भी कहा कि संबंधित क्षेत्र जेडीए जोन नंबर 10 के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में आता है। ऐसे में भूमि के उपयोग, कॉलोनी बसाने और निर्माण कार्यों की वैधता की जांच करना आवश्यक है। यदि निर्माण बिना जरूरी अनुमति के किया जा रहा है, तो संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
जेडीए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
इस मामले में संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि खसरा नंबर 1394 के राजस्व रिकॉर्ड, जमीन के स्वामित्व, कॉलोनी की वैधता तथा निर्माण संबंधी स्वीकृतियों की जांच कराई जाए। साथ ही, ग्रीन बेल्ट के नियमों और लागू न्यायालयी आदेशों की स्थिति स्पष्ट की जाए।
अब सवाल यह है कि क्या जेडीए जोन नंबर 10 के अधिकारी मौके का निरीक्षण कर जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे? यदि अवैध कॉलोनी या बिना अनु