स्थानीय
जैसलमेर में 5209.72 बीघा ओरण भूमि का हुआ राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज
जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 5209.72 बीघा ओरण भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जिससे इन पारंपरिक प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
जैसलमेर। जिले में ओरण भूमि के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 5209.72 बीघा ओरण भूमि को अब राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह पहल इन पारंपरिक प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोकला गांव में स्थित श्री डूंगर पीर जी ओरण की 3889.37 बीघा भूमि तथा मोहनगढ़ में स्थित श्री पन्नोधराय माता ओरण की 1320.35 बीघा भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।
ओरण भूमि जैसलमेर की धार्मिक आस्था, संस्कृति और पर्यावरणीय विरासत से गहराई से जुड़ी रही है। इसे राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने से इन प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण की प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार की ओर से ओरण एवं गोचर जैसी पारंपरिक प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण और उनके राजस्व रिकॉर्ड में दर्जीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोकला गांव में स्थित श्री डूंगर पीर जी ओरण की 3889.37 बीघा भूमि तथा मोहनगढ़ में स्थित श्री पन्नोधराय माता ओरण की 1320.35 बीघा भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।
ओरण भूमि जैसलमेर की धार्मिक आस्था, संस्कृति और पर्यावरणीय विरासत से गहराई से जुड़ी रही है। इसे राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने से इन प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण की प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार की ओर से ओरण एवं गोचर जैसी पारंपरिक प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण और उनके राजस्व रिकॉर्ड में दर्जीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।