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जर्जर भवन की छत से टूट कर गिरते रहते हैं टुकड़े, विभाग बना लापरवाह
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जर्जर भवन की छत से टूट कर गिरते रहते हैं टुकड़े, विभाग बना लापरवाह

✍️ Reporter: Lalan Kumar 🗓 13 Aug 2026, 10:58 AM 👁 64
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जानकारी के बाद भी विभाग मौन बना हुआ है। जबकि विद्यालय में करीब 319 छात्र नामांकित हैं और 5 शिक्षक कार्यरत हैं।

पटना जिला अंतर्गत अथमलगोला प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय साइस्तापुर का क्षतिग्रस्त भवन बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहा है। लेकिन जानकारी के बाद भी विभाग मौन बना हुआ है। जबकि विद्यालय में करीब 319 छात्र नामांकित हैं और 5 शिक्षक कार्यरत हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2010 में ही इस भवन का निर्माण किया गया था। लेकिन कतिपय कारणों से उक्त भवन विभाग को सुपुर्द नहीं किया जा सका। आवंटित राशि निकासी के बाद किसी तरह वापस जमा भी करवाया गया। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय पूरी तरह से विभागीय उदासीनता का शिकार है। विद्यालय परिसर में एक तो जगह की कमी है। और जो भी जगह है उसका अधिकांश हिस्सा इस क्षतिग्रस्त भवन ने आच्छादित कर रखा है। हाल भी नए कमरे का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए क्षतिग्रस्त भवन को हटाने की बजाय अच्छी स्थिति वाले कमरे को ही तोड़ कर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षतिग्रस्त भवन में सतह पर दो और पहली मंजिल पर दो हॉलनुमा कमरे का निर्माण सीढ़ी घर के साथ किया गया है। जिसके छत और छज्जे का छोटा बड़ा टुकड़ा टूट टूट कर तेज आवाज के साथ गिरता रहता है। विद्यालय संचालित रहने की स्थिति में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस गंभीर मामले से विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत भी करवाया गया है। मिडिया ने भी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। लेकिन स्थानीय अधिकारी समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी दीवा श्री ने बताया कि भवन की खतरनाक स्थिति को देखते हुए इसका रिपोर्ट जिला को भेजा जा चुका है। जिला से जो निर्देश मिलता है। उसका अनुपालन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्षतिग्रस्त भवन पूरी तरह से हटाया जाएगा। जिला से यह भी जानकारी दी गई है कि निर्माणाधीन कार्य के निरीक्षण के लिए आने वाले अभियंता द्वारा ही क्षतिग्रस्त भवन की जांच की जाएगी। जिनके रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी।
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