🔥 ट्रेंडिंग भोजपुर में युवक की सिर में गोली मारकर... સુરતના સારોલી ટેક્સટાઇલ માર્કેટમાં ભીષ... મોડાસા-માલપુર હાઇવે પર કાર ખાબકતા ચાલક... मुख्यमंत्री का अंतागढ़ आगमन: विकास कार... आरा सदर अस्पताल में चौथे दिन भी ओपीडी... भोजपुर में खेत जाते समय बिजली का करंट...
29 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
जनमाष्टमी 2026: खीरे से कान्हा के जन्म की शुभ विधि
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kaushlendrapathe
धर्म

जनमाष्टमी 2026: खीरे से कान्हा के जन्म की शुभ विधि

✍️ Aaj Tak 🗓 05 सित. 2026, 02:49 AM 👁 33
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

जनमाष्टमी 2026 के निशीता काल में, भक्त खीरे से कान्हा के जन्म का प्रतीकात्मक रूप कर सकते हैं और पंचामृत स्नान व पूजा कर सकते हैं।

जनमाष्टमी 2026 के निशीता काल 11:57 बजकर 57 मिनट से 12:43 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। भक्त इस समय में खीरे से कान्हा के जन्म का प्रतीकात्मक रूप कर सकते हैं, जो प्राचीन परंपराओं में शुद्धता और भक्ति का प्रतीक है।

खीरे के बाद, भक्त पंचामृत—दूध, दही, शहद, घी और चीनी—में प्रतीक को स्नान कराते हैं और फिर औपचारिक पूजा करते हैं। यह प्रथा घर में भगवान की उपस्थिति को आमंत्रित करने के लिए की जाती है।

धार्मिक विद्वान कहते हैं कि खीरा पृथ्वी का प्रतीक है जबकि पंचामृत दिव्य पोषण का प्रतीक, दोनों मिलकर दिव्य अनुग्रह के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं।

भारत के विभिन्न मंदिरों और घरों में यह अनुष्ठान मनाया जाएगा, जहाँ भक्त एकत्र होकर इस प्रतीकात्मक जन्म और स्नान को देखेंगे। यह कार्यक्रम जनमाष्टमी की सांस्कृतिक महत्ता और भक्तों के दिव्य संबंध को दर्शाता है।
📲Get App