जनपद श्रावस्ती के ग्राम पंचायत बेनीडिहवा के पास एकघरवा कुटी के पुल पर विसर्जन किया जाता है
जनपद श्रावस्ती
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से पहले प्रशासन कराए व्यवस्था, बनी दिवाकर के एकघरवा कुटी पुल पर हादसे की आशंका
श्रावस्ती। जनपद श्रावस्ती के ग्राम पंचायत बनी दिवाकर क्षेत्र स्थित एकघरवा कुटी के पुल के पास दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल पर अव्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। यहां हर वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है, लेकिन इस बार स्थल के किनारे मिट्टी का कटाव, ऊबड़-खाबड़ जमीन और आवागमन में संभावित परेशानी श्रद्धालुओं के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।
तस्वीर में दिखाई दे रही स्थल की स्थिति को देखते हुए विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं, आयोजकों और प्रतिमाओं को लेकर आने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भीड़ के बीच यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन से प्रमुख मांगें
स्थानीय लोगों और दुर्गा पूजा समितियों की ओर से प्रशासन से मांग है कि विसर्जन से पहले स्थल का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। किनारे की मिट्टी का कटाव रोकने, आवागमन के रास्ते को सुरक्षित एवं सुगम बनाने, साफ-सफाई कराने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती, बैरिकेडिंग और आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
प्रशासन से यह भी अपील है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्य समय रहते पूरे कराए जाएं, ताकि विसर्जन के दिन श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विसर्जन से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से तैयारी करना अधिक जरूरी है।
रिपोर्ट: राहुल यादव, श्रावस्ती।
श्रावस्ती। जनपद श्रावस्ती के ग्राम पंचायत बनी दिवाकर क्षेत्र स्थित एकघरवा कुटी के पुल के पास दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल पर अव्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। यहां हर वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है, लेकिन इस बार स्थल के किनारे मिट्टी का कटाव, ऊबड़-खाबड़ जमीन और आवागमन में संभावित परेशानी श्रद्धालुओं के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।
तस्वीर में दिखाई दे रही स्थल की स्थिति को देखते हुए विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं, आयोजकों और प्रतिमाओं को लेकर आने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भीड़ के बीच यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन से प्रमुख मांगें
स्थानीय लोगों और दुर्गा पूजा समितियों की ओर से प्रशासन से मांग है कि विसर्जन से पहले स्थल का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। किनारे की मिट्टी का कटाव रोकने, आवागमन के रास्ते को सुरक्षित एवं सुगम बनाने, साफ-सफाई कराने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती, बैरिकेडिंग और आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
प्रशासन से यह भी अपील है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्य समय रहते पूरे कराए जाएं, ताकि विसर्जन के दिन श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विसर्जन से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से तैयारी करना अधिक जरूरी है।
रिपोर्ट: राहुल यादव, श्रावस्ती।