जन्म-मृत्यु प्रमाण रजिस्ट्रेशन के नए नियम लागू अब संशोधन के लिए मजिस्ट्रेट से लेना होगी अनुमति
यहाँ देखें:
▶️ YouTube
जन्म-मृत्यु प्रमाण रजिस्ट्रेशन के नए नियम लागू अब संशोधन के लिए मजिस्ट्रेट से लेना होगी अनुमति
नए आवेदनों के लिए की नई मंजूरी जरूरी व्यवस्था, कोर्ट से
भोपाल / राज न्यूज नेटवर्क
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के रजिस्ट्रेशन के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। अब नया प्रमाण पत्र बनवाना हो या पुराने में संशोधन करवाना हो तो मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना जरूरी होगा। पहले तहसीलदार के आदेश पर ही प्रमाण पत्र बन जाते थे। लेकिन अब प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य हो गया है। इस संबंध में नगर निगम भोपाल को केंद्र सरकार के आदेश मिले हैं।
हालांकि नए नियम लागू होने से फर्जी प्रमाण पत्रों आसानी से पहचान हो सकेगी। लेकिन नियम कठिन होने से दलाली प्रथा भी
बढ़ेगी। एक से 21 दिन पुराने जन्म-मृत्यु के प्रमाण पत्र सीधे नगर निगम से बनते हैं।
वहीं एक महीने से ज्यादा पुराने प्रकरणों के लिए तहसीलदार से अनुज्ञा लेना पड़ती थी। लेकिन अब तहसीलदार की जगह प्रथम श्रेणी के न्यायिक मस्ट्रेिट से अनुमति लेकर ही पुराने प्रकरणों में प्रमाण पत्र जारी होंगे। इसके अलावा संशोधन प्रमाण, जिसमें सिर्फ नाम में अक्षक की त्रुटि या सरनेम छूटने पर शपथ पत्र देकर सुधार करषा जा सकता था। उसके लिए भी अब मजिस्ट्रेट से मंजूरी लेना होगा। नियम कठिन होने से प्रमाण पत्र बनवाने वालों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा और अलग-अलग दफ्तरों के भी चक्कर लगाने पड़ेंगे।
मृत्यु में श्मशान और कब्रिस्तान की रसीद जरूरी
यदि किसी व्यक्ति को अपने किसी परिजन का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है तो शमशान घाट या कब्रिस्तान की ऑरिजनल रसीद आवेदन के साथ ही जमा करना होगी। वह नियम पहले से हैं, लेकिन कई बार आदेश वाले प्रकरणों में रसीद नहीं मांगी जाती थी। ऐसे में परिवार के दूसरे सदस्य भी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर देते थे। वहीं कुछ प्रकरणों में आपसी विवाद के कारण झूठा शपथ पत्र भी देते है कि उनके पास से रसीद कहीं की गई है। लेकिन बाद में रसीद के साथ परिवार के दूसरे सदस्य आवेदन के लिए आते थे। ऐसे में मामले कोर्ट तक पहुंचे, जिससे निगम अधिकारियों की भी कोर्ट में पेश होना पड़ा।
हर कॉरी के लिए अलग फीस तयः नई व्यवस्था में किसी प्रमाण पत्र की एक कॉपी
चाहिए तो 50 रुपए शुल्क निर्धारित है। लेकिन एक से अधिक चाहिए तो 50-रुपए के हिसाब से अलग-अलग रसीदें कट रही है। रजिस्ट्रार के मुताविक 21 दिन के भीतर जन्म-मृत्यु का आवेदन करने पर कोई शुल्क नहीं है।
नए आवेदनों के लिए की नई मंजूरी जरूरी व्यवस्था, कोर्ट से
भोपाल / राज न्यूज नेटवर्क
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के रजिस्ट्रेशन के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। अब नया प्रमाण पत्र बनवाना हो या पुराने में संशोधन करवाना हो तो मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना जरूरी होगा। पहले तहसीलदार के आदेश पर ही प्रमाण पत्र बन जाते थे। लेकिन अब प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य हो गया है। इस संबंध में नगर निगम भोपाल को केंद्र सरकार के आदेश मिले हैं।
हालांकि नए नियम लागू होने से फर्जी प्रमाण पत्रों आसानी से पहचान हो सकेगी। लेकिन नियम कठिन होने से दलाली प्रथा भी
बढ़ेगी। एक से 21 दिन पुराने जन्म-मृत्यु के प्रमाण पत्र सीधे नगर निगम से बनते हैं।
वहीं एक महीने से ज्यादा पुराने प्रकरणों के लिए तहसीलदार से अनुज्ञा लेना पड़ती थी। लेकिन अब तहसीलदार की जगह प्रथम श्रेणी के न्यायिक मस्ट्रेिट से अनुमति लेकर ही पुराने प्रकरणों में प्रमाण पत्र जारी होंगे। इसके अलावा संशोधन प्रमाण, जिसमें सिर्फ नाम में अक्षक की त्रुटि या सरनेम छूटने पर शपथ पत्र देकर सुधार करषा जा सकता था। उसके लिए भी अब मजिस्ट्रेट से मंजूरी लेना होगा। नियम कठिन होने से प्रमाण पत्र बनवाने वालों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा और अलग-अलग दफ्तरों के भी चक्कर लगाने पड़ेंगे।
मृत्यु में श्मशान और कब्रिस्तान की रसीद जरूरी
यदि किसी व्यक्ति को अपने किसी परिजन का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है तो शमशान घाट या कब्रिस्तान की ऑरिजनल रसीद आवेदन के साथ ही जमा करना होगी। वह नियम पहले से हैं, लेकिन कई बार आदेश वाले प्रकरणों में रसीद नहीं मांगी जाती थी। ऐसे में परिवार के दूसरे सदस्य भी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर देते थे। वहीं कुछ प्रकरणों में आपसी विवाद के कारण झूठा शपथ पत्र भी देते है कि उनके पास से रसीद कहीं की गई है। लेकिन बाद में रसीद के साथ परिवार के दूसरे सदस्य आवेदन के लिए आते थे। ऐसे में मामले कोर्ट तक पहुंचे, जिससे निगम अधिकारियों की भी कोर्ट में पेश होना पड़ा।
हर कॉरी के लिए अलग फीस तयः नई व्यवस्था में किसी प्रमाण पत्र की एक कॉपी
चाहिए तो 50 रुपए शुल्क निर्धारित है। लेकिन एक से अधिक चाहिए तो 50-रुपए के हिसाब से अलग-अलग रसीदें कट रही है। रजिस्ट्रार के मुताविक 21 दिन के भीतर जन्म-मृत्यु का आवेदन करने पर कोई शुल्क नहीं है।