स्थानीय
जम्मू-कश्मीर के सांबा में पहुंची देश की पहली हाई-स्पीड ऑटोमोबाइल मालगाड़ी, 108 महिंद्रा स्कॉर्पियो सुरक्षित पहुंचीं
महाराष्ट्र के चिंचवाड़ से चली देश की पहली हाई-स्पीड ऑटोमोबाइल फ्रेट ट्रेन लगभग 2,000 किलोमीटर का सफर तय करके जम्मू-कश्मीर के सांबा में स्थित गति शक्ति मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनल पर पहुंची। इस ट्रेन में 108 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन लोड थे।
जम्मू-कश्मीर के लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। महाराष्ट्र के पुणे जिले के चिंचवाड़ से प्रस्थान करती देश की पहली हाई-स्पीड ऑटोमोबाइल फ्रेट ट्रेन (TRAC1) ने लगभग 2,000 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके जम्मू के ACTL सांबा प्राइवेट लिमिटेड कार्गो टर्मिनल, जिसे गति शक्ति मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनल के रूप में भी जाना जाता है, पर सफलतापूर्वक पहुंचा।
इस विशेष ट्रेन में 27 BCACBM वैगन्स का उपयोग किया गया था, जिन पर महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) की 108 स्कॉर्पियो कारें लोड की गई थीं। ये वाहन सीधे कारखाने से जम्मू-कश्मीर तक पहुंचे हैं। इससे पहले, इन वाहनों को ट्रकों के जरिए जम्मू-कश्मीर ले जाने में हफ्तों लग जाते थे, जिसके दौरान सड़क की स्थितियों के कारण क्षति का खतरा भी बना रहता था।
रेलवे की इस नई सुपरफास्ट सर्विस के माध्यम से वाहन अब सुरक्षित, बिना किसी खरोंच के और बेहद कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। यह परिवहन प्रणाली न के समय और लागत में कमी लाएगी, बल्कि प्रदूषण को भी कम करने में सहायक होगी।
गति शक्ति मिशन के तहत विकसित इस सांबा टर्मिनल की स्थापना से जम्मू-कश्मीर में व्यापार और लॉजिस्टिक्स के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। यह पहल क्षेत्र के आर्थिक विकास और आधुनिक परिवहन संरचना के निर्माण के लिए एक बड़ी कड़ी साबित होगी।
इस विशेष ट्रेन में 27 BCACBM वैगन्स का उपयोग किया गया था, जिन पर महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) की 108 स्कॉर्पियो कारें लोड की गई थीं। ये वाहन सीधे कारखाने से जम्मू-कश्मीर तक पहुंचे हैं। इससे पहले, इन वाहनों को ट्रकों के जरिए जम्मू-कश्मीर ले जाने में हफ्तों लग जाते थे, जिसके दौरान सड़क की स्थितियों के कारण क्षति का खतरा भी बना रहता था।
रेलवे की इस नई सुपरफास्ट सर्विस के माध्यम से वाहन अब सुरक्षित, बिना किसी खरोंच के और बेहद कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। यह परिवहन प्रणाली न के समय और लागत में कमी लाएगी, बल्कि प्रदूषण को भी कम करने में सहायक होगी।
गति शक्ति मिशन के तहत विकसित इस सांबा टर्मिनल की स्थापना से जम्मू-कश्मीर में व्यापार और लॉजिस्टिक्स के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। यह पहल क्षेत्र के आर्थिक विकास और आधुनिक परिवहन संरचना के निर्माण के लिए एक बड़ी कड़ी साबित होगी।