अपराध
जमुई पुलिस ने बंदरगाह के पास अवैध हथियार निर्माण इकाई का पर्दाफाश किया, तीन आरोपी गिरफ्तार
जमुई पुलिस ने 20 अक्टूबर को सिकंदरा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध हथियार निर्माण इकाई का पता लगाया। इस कार्रवाई में फैक्ट्री संचालक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए।
जमुई पुलिस की 21 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 20 अक्टूबर को सिकंदरा थाना क्षेत्र में दर्ज कांड संख्या 283/2026 की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध छोटू पासवान उर्फ टीनू कुमार को पकड़ा था। उसके साथ की गई पूछताछ और निशानदेही के आधार पर पुलिस टीम ने मिरचा पाठक चक के पास नहर पार जंगल में छापेमारी की, जिससे वहां एक कथित अवैध हथियार निर्माण इकाई का पता चला।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कथित फैक्ट्री संचालक जमशेद अली उर्फ तौफिक मलिक और उसके सहयोगी डबलू कुमार को भी गिरफ्तार किया। इस प्रकार, इस मामले में कुल तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस ने घटनास्थल से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। इनमें दो जिंदा 315 बोर के कारतूस, एक ड्रिल मशीन, एक हैंड वाइस, एक मैगजीन फार्मा, 12 साइकिल फार्मा, पांच गोल रेती, एक मैगजीन स्प्रिंग, चदरा के तीन टुकड़े, 12 हेक्सा ब्लेड, पांच वायरल स्प्रिंग और तीन ड्रिल बिट शामिल हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार निर्माण के नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया में है। पुलिस की जांच के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है, हालांकि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कथित फैक्ट्री संचालक जमशेद अली उर्फ तौफिक मलिक और उसके सहयोगी डबलू कुमार को भी गिरफ्तार किया। इस प्रकार, इस मामले में कुल तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस ने घटनास्थल से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। इनमें दो जिंदा 315 बोर के कारतूस, एक ड्रिल मशीन, एक हैंड वाइस, एक मैगजीन फार्मा, 12 साइकिल फार्मा, पांच गोल रेती, एक मैगजीन स्प्रिंग, चदरा के तीन टुकड़े, 12 हेक्सा ब्लेड, पांच वायरल स्प्रिंग और तीन ड्रिल बिट शामिल हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार निर्माण के नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया में है। पुलिस की जांच के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है, हालांकि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी।