Education
जमुई के लक्ष्मीपुर में 70 साल बाद भी स्कूल तक नहीं बनी पक्की सड़क, 130 बच्चों को खेतों की पगडंडियों से गुजरना पड़ता है
1956 में स्थापित प्राथमिक विद्यालय तक 700 मीटर पक्की सड़क न बन पाने के कारण 130 छात्र धान के खेतों की पगडंडियों से होकर स्कूल जाते हैं, ग्रामीणों ने तत्काल सड़क निर्माण की मांग की है।
जमुई के लक्ष्मीपुर प्रखंड के कमलू में स्थित प्राथमिक विद्यालय की स्थापना 1956 में हुई थी, परन्तु सात दशकों के बीत जाने के बाद भी विद्यालय तक पहुँचने के लिये 700 मीटर पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
विद्यालय में नामांकित 130 बच्चों को आज भी धान के खेतों की पगडंडियों और घास‑झाड़ियों के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। बरसात और ठंड के मौसम में इस यात्रा की कठिनाइयाँ और बढ़ जाती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
स्थानीय लोग इस बात पर सवाल उठाते हैं कि विद्यालय तक सड़क बनवाने की जिम्मेदारी किसकी है—पंचायत प्रतिनिधियों की या विधानसभा के जनप्रतिनिधियों की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से तत्काल पक्की सड़क निर्माण की माँग की है।
वीडियो प्रेमी प्रकाश ने लिखित आवेदन करके संबंधित विभाग को सड़क निर्माण की आवश्यकता बताई है। अब यह देखना शेष है कि इस लंबी अवधि से चली आ रही समस्या का समाधान कब तक संभव हो पाता है।
विद्यालय में नामांकित 130 बच्चों को आज भी धान के खेतों की पगडंडियों और घास‑झाड़ियों के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। बरसात और ठंड के मौसम में इस यात्रा की कठिनाइयाँ और बढ़ जाती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
स्थानीय लोग इस बात पर सवाल उठाते हैं कि विद्यालय तक सड़क बनवाने की जिम्मेदारी किसकी है—पंचायत प्रतिनिधियों की या विधानसभा के जनप्रतिनिधियों की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से तत्काल पक्की सड़क निर्माण की माँग की है।
वीडियो प्रेमी प्रकाश ने लिखित आवेदन करके संबंधित विभाग को सड़क निर्माण की आवश्यकता बताई है। अब यह देखना शेष है कि इस लंबी अवधि से चली आ रही समस्या का समाधान कब तक संभव हो पाता है।