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19 अक्टू. 2026•
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जालौन पुलिस लाइन में संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल, एनडीआरएफ व विभिन्न विभागों ने किया राहत-बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन

✍️ रिपोर्टर: Pankaj Gupta 🗓 19 अक्टू. 2026, 07:54 PM 👁 18
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पुलिस लाइन उरई में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल, एनडीआरएफ-पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन

उरई (जालौन)। पुलिस लाइन उरई में पुलिस अधीक्षक जालौन सुरेश चन्द्र रावत की उपस्थिति में संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इसमें एनडीआरएफ, जनपदीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं अग्निशमन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन कर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक आपदाओं के दौरान संबंधित विभागों की तैयारियों, रिस्पॉन्स टाइम की प्रभावशीलता तथा विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को परखना और बेहतर बनाना रहा। अभ्यास के दौरान आपदा या हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ एवं पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से घटनास्थल की घेराबंदी कर मलबे और आपात स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया। वहीं, अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर ब्रिगेड की गाड़ियों, वॉटर होज़ पाइप एवं सुरक्षा उपकरणों की सहायता से आगजनी की स्थिति पर त्वरित नियंत्रण पाने का अभ्यास किया। स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस की रिस्पॉन्स टीमों ने घायलों को घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार देने, कार्डियक अरेस्ट अथवा सांस रुकने की स्थिति में सीपीआर (CPR) देने और एंबुलेंस को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने का पूर्वाभ्यास किया। इसके साथ ही क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में स्थानीय पुलिस ने बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन एवं भीड़ प्रबंधन के माध्यम से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राहत-बचाव वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रदर्शन किया। गोल्डन ऑवर में त्वरित कार्रवाई जरूरी: एसपी पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत ने कहा कि किसी भी आपदा के दौरान शुरुआती कुछ मिनट यानी ‘गोल्डन ऑवर’ बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान त्वरित और समन्वित कार्रवाई से अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, उपलब्ध संसाधनों की कार्यक्षमता जांचना तथा रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करना है, ताकि वास्तविक आपदा के समय प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य किए जा सकें। मॉक ड्रिल के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने अभ्यास में शामिल सभी टीमों के प्रदर्शन एवं तत्परता की सराहना की और भविष्य में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी, एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट, क्षेत्राधिकारी नगर राजीव शर्मा, क्षेत्राधिकारी कालपी राजेश कमल, क्षेत्राधिकारी लाइन सदानन्द तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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