सरकारी योजना
जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित, कुपोषण उन्मूलन पर जिलाधिकारी ने दिया विशेष जोर
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण, बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और कुपोषित बच्चों के उपचार में लापरवाही न बरतने के निर्देश।
उरई (जालौन)। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेंस विभागों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न पोषण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार तथा कुपोषण उन्मूलन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत सत्यापन, समय से डेटा फीडिंग, टीएचआर वितरण, नियमित होम विजिट, बच्चों के वजन एवं लंबाई का मापन तथा स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की पहचान, उपचार और नियमित फॉलोअप पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण पोषाहार उपलब्ध कराने तथा अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार एवं बेहतर पोषण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम प्रगति वाली परियोजनाओं में विशेष अभियान चलाकर सुधार लाने और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों तक शासन की पोषण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाया जाए, ताकि जनपद में कुपोषण की समस्या को प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सके।
बैठक में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार तथा कुपोषण उन्मूलन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत सत्यापन, समय से डेटा फीडिंग, टीएचआर वितरण, नियमित होम विजिट, बच्चों के वजन एवं लंबाई का मापन तथा स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की पहचान, उपचार और नियमित फॉलोअप पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण पोषाहार उपलब्ध कराने तथा अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार एवं बेहतर पोषण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम प्रगति वाली परियोजनाओं में विशेष अभियान चलाकर सुधार लाने और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों तक शासन की पोषण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाया जाए, ताकि जनपद में कुपोषण की समस्या को प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सके।