📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
मौसम
जयपुर की हवा में सुधार: 10 महीने से एक भी दिन 'बहुत खराब' नहीं रहा
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 05 नव. 2026, 06:47 AM
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जनवरी से 3 नवंबर तक जयपुर का AQI 'बहुत खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में एक भी दिन नहीं पहुंचा। मानसून में हवा सबसे साफ रही, लेकिन दिवाली पर पटाखों से प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई गई है।
जयपुर में पिछले दस महीनों से हवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। जनवरी से 3 नवंबर के बीच शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) एक भी दिन 'बहुत खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में नहीं पहुंचा। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है, जब सर्दियों के मौसम में अक्सर प्रदूषण के उच्च स्तर दर्ज किए जाते थे।
मानसून के मौसम ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि बारिश और मौसमी बदलावों ने वायुमंडल में कणों (particulate matter) को कम करने में मदद की। इस दौरान शहर की हवा सबसे साफ रही, जिससे वातावरण का स्वास्थ्य अस्थायी रूप से बेहतर हुआ।
हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह सुधार संभवतः लंबे समय तक नहीं टिकेगा। दिवाली उत्सव के आने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में तेजी से वृद्धि की आशंका है। पटाखों के उपयोग और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
अब अधिकारियों और नागरिकों की नजरें दिवाली के मौसम पर हैं, जो ऐतिहासिक रूप से जयपुर के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित होता है। प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए नजर रखी जा रही है।
मानसून के मौसम ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि बारिश और मौसमी बदलावों ने वायुमंडल में कणों (particulate matter) को कम करने में मदद की। इस दौरान शहर की हवा सबसे साफ रही, जिससे वातावरण का स्वास्थ्य अस्थायी रूप से बेहतर हुआ।
हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह सुधार संभवतः लंबे समय तक नहीं टिकेगा। दिवाली उत्सव के आने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में तेजी से वृद्धि की आशंका है। पटाखों के उपयोग और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
अब अधिकारियों और नागरिकों की नजरें दिवाली के मौसम पर हैं, जो ऐतिहासिक रूप से जयपुर के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित होता है। प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए नजर रखी जा रही है।