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29 अक्टू. 2026•
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जबलपुर हाईकोर्ट ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव पर अवमानना के कारण 5,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
शिक्षा

जबलपुर हाईकोर्ट ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव पर अवमानना के कारण 5,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 29 अक्टू. 2026, 10:45 AM 👁 24
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जबलपुर हाईकोर्ट ने महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव को अवमानना याचिका में समन के बावजूद अदालत में न आने पर 5,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया।

जबलपुर हाईकोर्ट ने महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव के खिलाफ अवमानना के आरोप में कार्रवाई की है। एक अवमानना याचिका के तहत समन जारी किया गया था, परन्तु विश्वविद्यालय के प्रमुख ने अदालत में हाज़िर नहीं हुए।

इस अनदेखी के जवाब में न्यायालय ने कुलसचिव के विरुद्ध 5,000 रुपये की जमानती वारंट जारी किया है। यदि यह राशि जमा नहीं कराई गई तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। यह कदम यह दर्शाता है कि अदालत के आदेशों का पालन न करने पर भी वरिष्ठ शैक्षणिक अधिकारियों को सख्त दंड मिल सकता है।

यह घटना मध्य प्रदेश में विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही को लेकर बढ़ती जांच को उजागर करती है। अवमानना मामले के मूल कारणों के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी वारंटें अदालत की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सामान्य प्रक्रिया हैं, और निर्धारित राशि अधिक बोझिल नहीं बल्कि अनुपालन को तेज़ करने के उद्देश्य से है।

विश्वविद्यालय ने अभी तक इस आदेश या अवमानना याचिका के पीछे के कारणों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
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