📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
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जबलपुर हाईकोर्ट ने मुआवजा बरकरार रखा, गूगल से वजन जांच कर बीमा कंपनी पर 20,000 रुपये जुर्माना
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 03 नव. 2026, 09:31 AM
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जबलपुर हाईकोर्ट ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस की अपील खारिज कर पीड़ित का मुआवजा बरकरार रखा और गूगल से बस का वजन जांच कर कंपनी पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
जबलपुर हाईकोर्ट ने एक बस दुर्घटना के मामले में बीमा कंपनी न्यू इंडिया इंश्योरेंस द्वारा दायर अपील को खारिज कर पीड़ित को दिया गया मुआवजा बरकरार रखा। बीमा कंपनी ने कहा था कि बस के वजन के दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उसकी देयता पर सवाल उठता है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने गूगल पर संबंधित बस मॉडल का वजन खोजा और ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पुष्टि की कि बस का वजन दावे के अनुरूप है।
इस पुष्टि के बाद न्यायालय ने बीमा कंपनी की अपील को अस्वीकार कर ₹20,000 का जुर्माना लगाया, यह संकेत देते हुए कि अनावश्यक या निराधार अपील से न्याय प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।
वकीलों का मानना है कि इस तरह की डिजिटल साक्ष्य का प्रयोग भविष्य में तकनीकी मामलों में एक नया मानक स्थापित कर सकता है, और जुर्माना बीमा कंपनियों को सतर्क करेगा।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने गूगल पर संबंधित बस मॉडल का वजन खोजा और ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पुष्टि की कि बस का वजन दावे के अनुरूप है।
इस पुष्टि के बाद न्यायालय ने बीमा कंपनी की अपील को अस्वीकार कर ₹20,000 का जुर्माना लगाया, यह संकेत देते हुए कि अनावश्यक या निराधार अपील से न्याय प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।
वकीलों का मानना है कि इस तरह की डिजिटल साक्ष्य का प्रयोग भविष्य में तकनीकी मामलों में एक नया मानक स्थापित कर सकता है, और जुर्माना बीमा कंपनियों को सतर्क करेगा।