Crime
जब यात्री ने इसका कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे मुंह फोड़ने की धमकी दी गई।
यात्री ने संबंधित रेलकर्मी से उसका नाम और नेम बैज दिखाने को भी कहा। वीडियो के साथ किए जा रहे दावे में एक पुरुष रेलकर्मी के
बिहार में जहानाबाद से पटना की ओर जाने वाली ट्रेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो के साथ किए जा रहे दावे के मुताबिक, सामान की जांच के दौरान एक महिला रेलकर्मी ने यात्री के बैग का लॉक तोड़ दिया। जब यात्री ने इसका कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे मुंह फोड़ने की धमकी दी गई।
वायरल वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन में जांच के दौरान एक बैग में लॉक लगा हुआ था। आरोप है कि महिला रेलकर्मी ने लॉक तोड़कर सामान की जांच की और फिर वहां से जाने लगी। यात्री ने जब बैग का लॉक तोड़ने और बिना जानकारी दिए जांच करने पर सवाल उठाए, तो दोनों के बीच बहस होने लगी।
यात्री ने संबंधित रेलकर्मी से उसका नाम और नेम बैज दिखाने को भी कहा। वीडियो के साथ किए जा रहे दावे में एक पुरुष रेलकर्मी के भी मौजूद होने की बात कही गई है। यात्री के सवाल पूछने के दौरान रेलकर्मियों के आगे बढ़ने का दृश्य भी सामने आया है।
इस घटना ने यात्रियों के सामान की सुरक्षा और रेलकर्मियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यदि सामान को नुकसान पहुंचाने और धमकी देने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
फिलहाल, घटना की आधिकारिक पुष्टि, संबंधित रेलकर्मियों की पहचान और रेलवे प्रशासन की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच जरूरी है।
आपकी क्या राय है? क्या रेलवे प्रशासन को इस मामले की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए?
वायरल वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन में जांच के दौरान एक बैग में लॉक लगा हुआ था। आरोप है कि महिला रेलकर्मी ने लॉक तोड़कर सामान की जांच की और फिर वहां से जाने लगी। यात्री ने जब बैग का लॉक तोड़ने और बिना जानकारी दिए जांच करने पर सवाल उठाए, तो दोनों के बीच बहस होने लगी।
यात्री ने संबंधित रेलकर्मी से उसका नाम और नेम बैज दिखाने को भी कहा। वीडियो के साथ किए जा रहे दावे में एक पुरुष रेलकर्मी के भी मौजूद होने की बात कही गई है। यात्री के सवाल पूछने के दौरान रेलकर्मियों के आगे बढ़ने का दृश्य भी सामने आया है।
इस घटना ने यात्रियों के सामान की सुरक्षा और रेलकर्मियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यदि सामान को नुकसान पहुंचाने और धमकी देने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
फिलहाल, घटना की आधिकारिक पुष्टि, संबंधित रेलकर्मियों की पहचान और रेलवे प्रशासन की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच जरूरी है।
आपकी क्या राय है? क्या रेलवे प्रशासन को इस मामले की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए?