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इंदौर: राजस्व प्रकरणों में लापरवाही पर 8 तहसीलदारों को शोकाज नोटिस, 2 की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में स्वामित्व रजिस्ट्री और नामांतरण में देरी के कारण 8 अधिकारियों को शोकाज नोटिस जारी किए गए, जबकि सीएम हेल्पलाइन में खराब प्रदर्शन पर 2 तहसीलदारों की वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया गया।
इंदौर, 24 अक्टूबर 2026: कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में आज राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण की अधिकारीवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित न रखे जाएं। बैठक में अविवादित एवं विवादित नामांतरण, बंटवारा, भू आवंटन, तथा सीमांकन प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने स्वामित्व रजिस्ट्री में देरी, अविवादित नामांतरण प्रकरण में विलंब, समय-सीमा में कार्य नहीं करना, अनुशासनहीनता आदि को लेकर जिले के 8 तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को शोकाज नोटिस जारी किए गए। साथ ही, सीएम हेल्पलाइन में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर 2 तहसीलदारों की दो-दो दिन की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि अविवादित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाए और विवादित प्रकरणों में भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए समयबद्ध रूप से निर्णय लिया जाए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आवेदनों के निराकरण में केवल औपचारिकता न हो, बल्कि आवेदक की समस्या का वास्तविक समाधान किया जाए। अनावश्यक रूप से आवेदन लंबित रखने अथवा गलत निराकरण दर्ज करने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने अभिलेख दुरुस्ती के कार्य को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने शासकीय भूमि तथा अन्य राजस्व प्रकरणों, जो न्यायालयों में विचाराधीन हैं, की समीक्षा भी की और निर्देश दिए कि शासन का पक्ष समय पर और मजबूती से रखा जाए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पवार, श्री रिंकेश वैश्य, संयुक्त कलेक्टर सुश्री श्रुति अग्रवाल एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने स्वामित्व रजिस्ट्री में देरी, अविवादित नामांतरण प्रकरण में विलंब, समय-सीमा में कार्य नहीं करना, अनुशासनहीनता आदि को लेकर जिले के 8 तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को शोकाज नोटिस जारी किए गए। साथ ही, सीएम हेल्पलाइन में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर 2 तहसीलदारों की दो-दो दिन की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि अविवादित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाए और विवादित प्रकरणों में भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए समयबद्ध रूप से निर्णय लिया जाए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आवेदनों के निराकरण में केवल औपचारिकता न हो, बल्कि आवेदक की समस्या का वास्तविक समाधान किया जाए। अनावश्यक रूप से आवेदन लंबित रखने अथवा गलत निराकरण दर्ज करने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने अभिलेख दुरुस्ती के कार्य को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने शासकीय भूमि तथा अन्य राजस्व प्रकरणों, जो न्यायालयों में विचाराधीन हैं, की समीक्षा भी की और निर्देश दिए कि शासन का पक्ष समय पर और मजबूती से रखा जाए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पवार, श्री रिंकेश वैश्य, संयुक्त कलेक्टर सुश्री श्रुति अग्रवाल एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।