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21 अक्टू. 2026•
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इंदौर में 'सुश्री कांति भार्गव उत्कृष्ट कृति सम्मान' से सम्मानित हुए अखिल भारतीय कविता प्रतियोगिता के विजेता

✍️ रिपोर्टर: Amit Kukreja 🗓 21 अक्टू. 2026, 05:32 PM 👁 12
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श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति द्वारा आयोजित 'युद्ध की विभीषिका – एक काव्य दृष्टि' विषय पर कविता प्रतियोगिता के विजेताओं को इंदौर में सम्मानित किया गया। श्रुति शर्मा ने प्रथम पुरस्कार जीता, जबकि वरुण सिंह और सीमा धोके ने क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इंदौर, 18 अक्टूबर 2026: श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर के तत्त्वावधान में 'युद्ध की विभीषिका – एक काव्य दृष्टि' विषय पर आयोजित अखिल भारतीय कविता लेखन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह रविवार को समिति के शिवाजी भवन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को 'सुश्री कांति भार्गव उत्कृष्ट कृति सम्मान' से अलंकृत किया गया। इस सम्मान को सुश्री अंबिका भार्गव, जो कि एकात्मता अभियान एवं क्विंडम लाइफस्टाइल मीडिया वर्ल्ड की संस्थापक हैं, द्वारा प्रायोजित किया गया है। इसका उद्देश्य साहित्यिक सृजनशीलता के माध्यम से युद्ध की मानवीय त्रासदी पर जनचेतना बढ़ाना है।

समारोह की मुख्य अतिथि सुश्री अंबिका भार्गव ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक युद्ध तकनीक और उन्नत हथियारों ने युद्ध के स्वरूप को बदल दिया है, जिससे आवासीय क्षेत्रों और निर्दोष नागरिकों को सबसे अधिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने युद्ध के कारण परिवारों के विनाश, बच्चों की शिक्षा से वंचना और महिलाओं-बुजुर्गों की पीड़ा पर प्रकाश डालते हुए कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधानों को प्राथमिकता देने पर बल दिया। समिति के प्रधानमंत्री श्री अरविंद जवलेकर ने युद्ध से होने वाली जन-धन की हानि और विकास की प्रक्रिया में बाधाओं के बारे में बताया, जबकि संस्कृति मंत्री डॉ. पदमा सिंह ने कविता को समाज की संवेदनाओं और नैतिक उत्तरदायित्व को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम बताया।

प्रतियोगिता के परिणामों के अनुसार श्रुति शर्मा को प्रथम पुरस्कार, वरुण सिंह (हैदराबाद) को द्वितीय पुरस्कार और सीमा धोके को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सांत्वना पुरस्कार अनिल ओझा, कल्याणी गुप्ता (कृति) एवं ओमिशा प्रजापत को दिया गया। कार्यक्रम के आयोजक एवं परीक्षा व शिक्षा मंत्री श्री उमेश पारेख ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों, जिनमें सिक्किम, हैदराबाद, पटना, ठाणे, चंडीगढ़ और भोपाल शामिल हैं, से लगभग 130 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। इनमें सेना के जवानों की रचनाएँ भी शामिल थीं। पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इंदौर से बाहर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अर्थ मंत्री सीए श्री राजेश शर्मा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ, जबकि अनुसंधान मंत्री डॉ. पुष्पेंद्र दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन श्री उमेश पारेख ने किया और अंत में प्रकाशन मंत्री श्री अनिल भोजे ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और निर्णायकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त डॉ. मेजर मेहता (ए.के.एस.), डॉ. सुरेंद्र कुमार सक्सेना, ज्योति जैन, रविंद्र जोशी, विजय खंडेलवाल, अखिलेश राव और श्याम सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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